voter helpline number: बैतूल से उठी आवाज़, निर्वाचन आयोग ने मतदाता पर्ची पर अंकित किया हेल्पलाइन नंबर

समाजसेवी चंद्रशेखर पंडोले ने निर्वाचन आयोग का आभार व्यक्त किया


खर्चीले चुनाव के खिलाफ और हेल्पलाइन नंबर के लिए दिल्ली और भोपाल में प्रदर्शन कर चुके हैं पंडोले
निर्वाचन आयोग के इस निर्णय का श्रेय बैतूल को जाता है:पंडोले
बैतूल। निर्वाचन आयोग ने मतदाता पर्ची पर हेल्पलाइन नंबर 1950 अंकित कर दिया है, जिससे मतदाता अपनी समस्याओं और सुझावों को आसानी से आगे पहुंचा सकेगा। समाजसेवी चंद्रशेखर पंडोले ने इसका समर्थन किया और निर्वाचन आयोग का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा यह पहल निष्पक्ष और निर्भीक मतदान को बढ़ावा देगी। निर्वाचन आयोग के इस निर्णय का श्रेय बैतूल को जाता है। हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट अक्षरों में लिखकर 10 दिनों पहले मतदाता पर्ची मतदाताओं तक भेज कर निर्वाचन आयोग ने खर्चीले चुनाव के खतरे से लोकतंत्र को बचाने की दिशा में कदम उठाया।
गौरतलब है श्री पंडोले द्वारा विगत 15 वर्षों से लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान निष्पक्ष और निर्भीक होकर मतदान करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग से हेल्पलाइन नंबर की मांग की जा रही थी। इसके साथ ही उन्होंने भय मुक्त चुनाव को लेकर भी निर्वाचन आयोग को सुझाव दिए थे। निर्वाचन आयोग द्वारा हाल ही में मतदाता पर्ची पर हेल्पलाइन नंबर अंकित करने पर उन्होंने निर्वाचन आयोग को धन्यवाद देते हुए मतदाताओं के हित में और भी निर्णय लेने का आग्रह किया। पंडोले का कहना है कि यह नई सुविधा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भागीदार बनाए रखने के साथ-साथ, उनके लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक माध्यम प्रदान करेगी।
निष्पक्ष निर्भीक मतदान के लिए हेल्पलाइन नंबर अंकित करना एक सराहनीय पहल है। यह मतदाताओं को अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए सीधा रास्ता प्रदान करता है और चुनाव प्रक्रिया को और निष्पक्ष बनाता है। इससे मतदाताओं को अपने सवालों और शिकायतों को सरलता से उठाने का मौका मिलता है, जिससे उनका विश्वास बढ़ता है और वे चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकते हैं। इस पहल से समाज के हर वर्ग के नागरिकों का समान और निष्पक्ष भागीदारी मतदान में संभव होगी। उन्होंने इस अभियान के समर्थकों, पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया।
— खर्चीले चुनाव के विरोध में भोपाल और दिल्ली में किया प्रदर्शन–
समाजसेवी चंद्रशेखर पंडोल ने विगत 14 अप्रैल को अर्धनग्न होकर साइकिल से भोपाल पहुंचकर खर्चीले चुनाव के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उन्होंने निर्वाचन आयोग नई दिल्ली, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल के नाम जिला निर्वाचन अधिकारी बैतूल को ज्ञापन सौंपकर मतदाता पर्चियां में पीछे मतदाताओं की सुरक्षा के लिए मतदाता सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट लिखने एवं आदर्श आचार संहिता के तहत उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के द्वारा अवैध तरीके से मतदाताओं को प्रभावित करने वाले कारणों पर निर्वाचन आयोग से प्रतिबंध है मतदाता पर्चियां में लिखने का आग्रह किया था। गौरतलब है कि पंडोले दिल्ली में भी प्रदर्शन कर चुके हैं।
श्री पंडोले का कहना है कि संविधान निर्माता डॉक्टर अंबेडकर ने 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा के समापन भाषण में कहा था कि संविधान कितना भी अच्छा हो लागू करने वाले अच्छे होना चाहिए। मतलब ईमानदार होना चाहिए। निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए खर्च निर्धारित किया है, लेकिन निर्धारित सीमा से 50 से 100 गुना, कई करोड़ रुपये उम्मीदवारों द्वारा खर्च करने से ही महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, कमीशन खोरी, घूसखोरी, भ्रष्टाचार, जमाखोरी, जातिवाद, सांप्रदायिकता, बिगड़ी कानून व्यवस्था, काला धन, घोटाले, भुखमरी, गरीबी सभी समस्याएं लोकतंत्र का दुश्मन खर्चीला चुनाव है। निर्धारित सीमा से कई गुना ज्यादा खर्च करने वाले इमानदार होंगे, बेईमान होंगे, निर्वाचन आयोग तय करें।

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