दीनदयाल रसोई में सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण, खुद भोजन कर परखी गुणवत्ता।
गैस संकट के बीच डीजल भट्टी से बन रहा जरूरतमंदों के लिए भोजन। जन्मदिन और पुण्यतिथि पर रसोई में भोजन कराने की अपील।

बैतूल। जनसेवा की एक अहम कड़ी मानी जाने वाली दीनदयाल रसोई में शनिवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे सीएमओ ने सीधे रसोई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पांच रुपए का भुगतान कर जरूरतमंदों के बीच बैठकर भोजन किया और स्वाद के साथ-साथ गुणवत्ता का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने भोजन की गुणवत्ता को संतोषजनक पाया और रसोई संचालक की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि दीनदयाल रसोई जैसी योजनाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए संबल हैं, इसलिए इसकी गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि रसोई की व्यवस्था को और बेहतर बनाकर इसे प्रदेश में अव्वल स्थान पर लाने का प्रयास किया जाए।
इस दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि गैस की समस्या के बावजूद रसोई संचालन बाधित नहीं हुआ है। डीजल भट्टी के माध्यम से भोजन तैयार कर समय पर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वच्छता को लेकर भी सीएमओ ने निर्देशित किया कि रसोई परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि यहां आने वाले लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा का मूल आधार है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान नवनीत पांडे ने बैतूल के नागरिकों से भी भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या अपने पूर्वजों की स्मृति में दीनदयाल रसोई में आकर जरूरतमंदों को भोजन कराने का पुण्य कार्य करें। इससे जरूरतमंदों को सहारा मिलेगा, समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होगी।





