Anand’s short break workshop concluded in the auditorium of Prabhatpattan: अल्प विराम शांत होकर आत्मा की आवाज को सुनना है : राजेश दुबे

आनंद की अल्प विराम कार्यशाला प्रभातपट्टन के सभागृह में सम्पन्न

बैतूल। विकासखण्ड प्रभातपट्टन में 27 अक्टूबर को एक दिवसीय अल्प विराम परिचय कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षत जैन के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत के सभागृह में किया गया।

सत्र का आरंभ प्रभातपट्टन तहसीलदार राजेश दुबे, जिला संपर्क व्यक्ति महेश गुंजेले, राज्य आनंद संस्थान के मास्टर ट्रेनर तूलिका पचौरी, दिलीप गीद, आनंद सहयोगी हरिहर खन्ना, शंकरलाल खपरिया (बी.आर.सी.) एवं विकासखण्ड समन्वयक राधा बरोदे की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ सर्वधर्म प्रार्थना से हुआ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि तहसीलदार राजेश दुबे ने कहा कि अल्प विराम शांत होकर आत्मा की आवाज को सुनना है। परिचय सत्र में जिला संपर्क व्यक्ति महेश गुंजेले ने आनंद विभाग की गतिविधियों आनंदक, आनंद उत्सव, आनंदम, आनंद सभा, अल्प विराम, आनंद कैलेंडर, आनंद क्लब, आनंद शिविर, आनंद व्याख्यान के बारे में विस्तार से बताया तथा वीडियो के माध्यम से परिचय कराया। इस अवसर पर उन्होंने आनंद की ओर विषय पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों की शेयरिंग ली।

मास्टर ट्रेनर तूलिका पचौरी द्वारा जीवन का लेखा-जोखा विषय पर चर्चा की गई। इसमें उन्होंने प्रतिभागियों से प्रश्न किए बचपन से लेकर अब तक मेरी मदद किस-किस ने की है, बचपन से लेकर अब तक मैंने किस-किस की निःस्वार्थ मदद की, बचपन से लेकर अब तक मुझे किस-किस ने दुःख दिया, बचपन से लेकर अब तक मैंने किस-किस को दुःख दिया, इन सत्रों में सभी प्रतिभागियों द्वारा अपनी-अपनी शेयरिंग दी गई।

– सकारात्मक सोच रखने से कई चिंताओं से मिल सकती है मुक्ति

आनंद सहयोगी हरिहर खन्ना ने फ्रीडम ग्लास पर चर्चा करते हुए स्वयं के अंदर के लोभ, क्रोध, लालच, ईर्ष्या आदि पर अपनी व्यक्तिगत शेयरिंग दी तथा प्रतिभागियों से संवाद किया। मास्टर ट्रेनर दिलीप गीद ने चिंता का दायरा विषय पर कहा कि जीवन में सकारात्मक सोच रखने से कई चिंताओं से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि “चिंता चिता के समान है। उन्होंने स्वयं की चिंता, परिवार की चिंता, समाज की चिंता विषयों पर चर्चा करते हुए बताया कि चिंताओं को सीमित कर अपने प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाना ही आनंद है। जन अभियान परिषद प्रभातपट्टन द्वारा सभी प्रतिभागियों को आनंद भोज कराया गया।

– कार्यशाला में 63 अधिकारी एवं कर्मचारी रहे उपस्थित

इस कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, पशुपालन विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य विभागों के 63 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने आनंद विभाग से निरंतर जुड़कर स्वयं से स्वयं की मुलाकात करने, अपने अंतर्मन की आवाज सुनने और स्वयं को पहचानने के साथ-साथ दूसरों की मदद करने की इच्छा व्यक्त की। फीडबैक में प्रतिभागियों ने कहा कि आनंद संस्थान की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। यह कार्यशाला सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। इस कार्यशाला में सहयोग जन अभियान परिषद प्रभातपट्टन की टीम एवं जनपद पंचायत प्रभातपट्टन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button