Betul news: न्यायालय के आदेश के बाद भी कब्जा नहीं मिला, पीड़ित किसान ने लगाया रिश्वतखोरी का आरोप
खेड़ी सांवलीगढ़ में अवैध कब्जा, किसान रामसिंग ने दी आत्महत्या की चेतावनी

बैतूल। जिले के खेड़ी सांवलीगढ़ में भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां आवेदक रामसिंग कवडे पिता बुद्ध कवडे निवासी चांदबेहड़ा ने तहसीलदार के खिलाफ एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। रामसिंग ने बताया कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा हो गया है, और न्यायालय द्वारा जारी आदेश के बावजूद उन्हें कब्जा दिलाने में लापरवाही की जा रही है।
रामसिंग का कहना है कि तहसीलदार ने 7 अक्टूबर 2024 को आदेश जारी किया था, जिसके अनुसार उनकी भूमि से अवैध कब्जा हटाकर उन्हें सौंपा जाना था। परंतु, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों ने रिश्वत मांगते हुए कब्जा दिलाने में टालमटोल की। रामसिंग के अनुसार, जब उन्होंने तहसीलदार से संपर्क किया, तो उन्होंने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की, बिना रिश्वत कब्जा नहीं दिलाने की धमकी दी।
न्यायालय का आदेश, फिर भी लापरवाही
खेड़ी सांवलीगढ़ के राजस्व प्रकरण क्र 0013 अ-70 वर्ष 2024-25 में नायब तहसीलदार द्वारा 5 सितंबर 2024 को आदेश पारित किया गया था। आदेश के अनुसार, मौजा चांदबेहड़ा स्थित खसरा नंबर 45/4, रकबा 1.853 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदकगण रतन पितारामबक्स राठौर एवं ग्राम पंचायत चांदबेहड़ा का अवैध कब्जा पाया गया था। इस कब्जे को हटाने का आदेश दिया गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
किसान ने आत्महत्या की धमकी दी
रामसिंग का कहना है कि अगर जल्द ही न्याय नहीं मिला और अवैध कब्जा हटाकर उन्हें उनकी जमीन नहीं दिलाई गई, तो वह आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। उनका आरोप है कि तहसीलदार और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत के कारण उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। इस प्रकरण में उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कब्जा दिलाने के आदेश, फिर भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे
न्यायालय ने आदेश दिया था कि राजस्व निरीक्षक प्रेमचंद उइके, हल्का पटवारी नारायणप्रसाद उइके, अजय पाटिल, सुशीला सिरसाम, जगन्नाथ कुमरे और प्रेमचंद सहित गठित दल 7 अक्टूबर 2024 को रामसिंग को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाकर एक सप्ताह के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। परंतु, अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे पीड़ित किसान रामसिंग पूरी तरह से निराश हैं।
कार्रवाई की मांग
रामसिंग कवडे ने आरोप लगाया कि अनावेदक रतन पिता रामबक्स राठौर ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है और ग्राम पंचायत के अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। रामसिंग ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इसके जिम्मेदार तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी होंगे।




