Big Breaking: भूमि के सीमांकन का प्रतिवेदन देने पटवारी ने मांगे 10 हजार, लोकायुक्त टीम ने चार हजार की रिश्वत लेते पकड़ा
राजस्व महाअभियान में बैतूल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर सवालिया निशान लगा

Big Breaking: बैतूल। किसान की भूमि का सीमांकन करने के बाद प्रतिवेदन देने के लिए पटवारी ने 10 हजार रूपये की रिश्वत मांगी। किसान ने लोकायुक्त से शिकायत की जिस पर गुरुवार को भोपाल से पहुंची टीम ने तहसील कार्यालय आठनेर में चार हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
लोकायुक्त भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार आठनेर तहसील के ग्राम सावंगी निवासी किसान कमलेश चढ़ोकर ने 27 नवंबर 2024 को लिखित शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल के समक्ष प्रस्तुत की। शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम गोलखेड़ा में उसकी स्वयं की 1 एकड़ 406 डिस्मिल कृषि भूमि है। भूमि के सीमांकन के लिए उसके द्वारा लोक सेवा गारंटी में तीन अक्टूबर 2024 को आवेदन किया गया था।
आवेदन के आधार पर 25 अक्टूबर 2024 को पटवारी प्रफुल्ल बारस्कर द्वारा भूमि की नाप की गई परन्तु सीमा का निर्धारण नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने जब पटवारी प्रफुल्ल बारस्कर से मिलकर सीमा निर्धारण और सीमांकन प्रतिवेदन देने की बात की तो पटवारी प्रफुल्ल बारस्कर द्वारा 10000 रुपये रिश्वत की मांग की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन किया गया।
शिकायत सत्यापन के दौरान अनावेदक पटवारी ने आवेदक कमलेश से 4000 रूपये रिश्वत देने को कहा । शिकायत सही पाए जाने पर निर्देशानुसार अनावेदक पटवारी प्रफुल्ल बारस्कर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
28 नवंबर 2024 को लोकायुक्त भोपाल की निरीक्षक रजनी तिवारी, नीलम पटवा के नेतृत्व में टीम ने आठनेर तहसील कार्यालय पहुंचकर राजस्व निरीक्षक कार्यालय में पटवारी प्रफुल्ल बारस्कर को रिश्वत के रूप में 4000 रूपये प्राप्त करते हुए रंगे हाथ पकड़ कर कार्यवाही की गई। देर शाम तक लोकायुक्त टीम की कार्यवाही जारी रही।




