एआई के सुरक्षित उपयोग पर विशेषज्ञों ने दिए विशेष व्याख्यान

डीपफेक, डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा पर दी विस्तृत जानकारी

तकनीक को मानवीय मूल्यों से जोड़ना समय की मांग: डॉ मीनाक्षी चौबे

बैतूल। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशानुसार इंटरनेट सेफर डे 2026 के अवसर पर पी.एम. कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, जेएच कॉलेज बैतूल में विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम सुबह 11 बजे कक्ष क्रमांक 68 (विज्ञान भवन) में स्मार्ट टेक, सेफ चॉइस – एक्सप्लोरिंग द सेफ एंड रिस्पॉन्सिबल यूज ऑफ एआई विषय पर संपन्न हुआ। उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित एवं उत्तरदायी उपयोग के प्रति जागरूकता और डिजिटल सतर्कता विकसित करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ मीनाक्षी चौबे ने की। उन्होंने डिजिटल साक्षरता को 21वीं सदी की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों से तकनीकी नवाचारों को मानवीय मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अत्यंत सशक्त तकनीक है, किंतु इसके दुरुपयोग से बचना सामूहिक जिम्मेदारी है।

– आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बताए प्रभाव

मुख्य वक्ता श्रीमती रचना श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र बैतूल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव, डीपफेक तकनीक, डेटा प्राइवेसी, साइबर सुरक्षा और डिजिटल पदचिह्न जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने चैटजीपीटी, गूगल बार्ड सहित एआई प्लेटफॉर्म के सीमित एवं समझदारीपूर्ण उपयोग पर बल दिया और आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए।

तकनीकी सत्र में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के लगभग 150 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने चैटबॉट, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा संरक्षण, सोशल मीडिया एल्गोरिदम तथा फेक न्यूज की पहचान जैसे विषयों पर प्रश्न रखे, जिनका समाधान समिति सदस्यों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया।

– विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और सजग रहने की दी प्रेरणा

कार्यक्रम का संचालन डॉ दिव्या डांगी ने किया। आयोजन समिति के संयोजक डॉ गोपाल पाटिल के मार्गदर्शन में प्रो. संतोष पाटिल, डॉ राहुल ठाकुर और उपेन्द्र भारती ने रूपरेखा, तकनीकी व्यवस्था और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। समापन पर कंप्यूटर विज्ञान एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर मेश्राम ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सशक्त और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जागरूकता व्याख्यान ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और सजग रहने की प्रेरणा दी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान किया। आयोजन इंटरनेट सेफर डे 2026 की भावना तथा राष्ट्रीय डिजिटल सुरक्षा अभियान के लक्ष्यों के अनुरूप सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

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