Judgement: चेक बाउंस प्रकरण में आरोपी हुआ दोषमुक्त

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनाया निर्णय, परिवादी की परिवाद निरस्त

बैतूल। बहुचर्चित चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बैतूल के न्यायालय ने आरोपी दिनेश पिता सुंदर गिरी निवासी धामनगांव को दोषमुक्त कर दिया। सुमित ऐजेंसी बैतूल गंज के प्रोप्राइटर रमेश गुगनानी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दिनेश गिरी के खिलाफ 2019 में परिवाद दायर किया था।

प्रकरण में रमेश गुगनानी ने आरोप लगाया था कि 2018 में एयरफोर्स आमला में लकड़ी सप्लाई के टेंडर के लिए उन्होंने दिनेश गिरी से 15 लाख रुपये में लकड़ी का सौदा किया था। रमेश ने नगद और अपनी पुत्री रक्षा के खाते में कुल 15 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद दिनेश ने लकड़ी की सप्लाई नहीं की। जब रमेश ने दिनेश से अपनी राशि वापस मांगी तो दिनेश ने कार्पोरेशन बैंक बैतूल के अपने खाते का हस्ताक्षरित चेक दिया। जब रमेश ने चेक बैंक में जमा किया तो वह बाउंस हो गया, जिसके बाद उन्होंने समयावधि में आरोपी के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया। परिवादी ने अपने पक्ष समर्थन में स्वयं की तथा अपने पुत्र सजल गुगनानी की साक्ष्य तथा दस्तावेज पेश किए। आरोपी ने अपने बचाव में अपनी पुत्री रक्षा गिरी की साक्ष्य पेश की। परिवादी और उसके पुत्र की साक्ष्य तथा दस्तावेजों में आई विसंगतियों के आधार पर, और आरोपी की ओर से उसके अधिवक्ता मनीष गर्ग और उमेश खेड़ले के तर्कों और न्यायदृष्टांतों के आधार पर, न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि परिवादी अपनी परिवाद को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा। इस कारण, न्यायालय ने अपने निर्णय दिनांक 16 जुलाई 2024 के द्वारा परिवादी रमेश गुगनानी की परिवाद को निरस्त कर आरोपी दिनेश गिरी को पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया। प्रकरण में आरोपी दिनेश की ओर से अधिवक्ता मनीष गर्ग और उमेश खेड़ले ने पैरवी की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button