Betul news: करोड़ों रुपये का भुगतान रोक कर सम्मान निधि के नाम पर किसानों को किया जा रहा गुमराह: गोलू सोनी

बैतूल। समर्थन मूल्य पर खरीदी के एक माह बाद भी जिले के किसानों को 38 करोड़ रुपये की राशि नहीं मिली है। इस देरी से किसानों के घरों में होने वाली शादियां रुक गई हैं, कई किसान अपना इलाज नहीं करवा पा रहे, और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। यह तो एक ही जिले का मामला है पूरे मध्य प्रदेश में लगभग 437 करोड़ रु किसानों का भुगतान अटका हुआ है।
इस मामले में कांग्रेस सेवादल के ब्लॉक अध्यक्ष गोलू सोनी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की खून-पसीने की कमाई को नजरअंदाज कर रही है। एक तरफ करोड़ों रुपये का भुगतान रोक दिया गया है। दूसरी तरफ सम्मान निधि के नाम पर किसानों को गुमराह किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान की बेटी की शादी पैसों के अभाव में नहीं हो पाती या किसी बुजुर्ग किसान को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और उसकी जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार की होगी।
– मंडी में उपज बेचने के बाद भी पैसे के लिए तरस रहे किसान
किसानों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनकी उपज की बिक्री के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा। समर्थन मूल्य पर खरीदी के बाद सरकार को 2 दिन में भुगतान करना चाहिए, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी पैसे नहीं आए। किसानों का कहना है कि अगर समय पर पैसा नहीं मिलेगा, तो उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो जाएगी।
गोलू सोनी ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ टैक्स वसूलने में लगी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे पिछड़ा प्रदेश बनता जा रहा है, जहां आरटीओ, राजस्व, खनिज और आबकारी विभाग सबसे ज्यादा टैक्स वसूल रहा है, फिर भी सरकार लगातार कर्ज में डूबी हुई है। उन्होंने कहा कि किसान मंडी तक अपनी उपज पहुंचाने के लिए दिन-रात मेहनत करता है, लेकिन जब भुगतान की बारी आती है, तो उसे ठगा जाता है।
– कर्ज में डूबा मध्यप्रदेश, किसानों की हालत बदतर
गोलू सोनी ने कहा कि 2014 के बाद से मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा है, फिर भी प्रदेश का विकास ठप पड़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का हर नागरिक सरकारी कर्ज में डूबा हुआ है और जब सरकार खुद कर्ज में डूबी हो, तो किसानों को समय पर भुगतान कैसे मिलेगा? उन्होंने सरकार से तुरंत भुगतान जारी करने की मांग करते हुए कहा कि यदि भुगतान में देरी हुई, तो किसानों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार किसानों की अनदेखी बंद करे और तुरंत भुगतान करे, ताकि किसान अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें और प्रदेश का अन्नदाता फिर से खेती में जुट सके।




