कर्मचारी कल्याण कोष में एक लाख शिक्षकों का पंजीयन।

बैतूल। मध्यप्रदेश में नवीन शैक्षिक संवर्ग के शिक्षकों की सेवा अवधि को शासन द्वारा शून्य किए जाने के मुद्दे के बीच कर्मचारी कल्याण कोष ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। पूरे प्रदेश में पीएमयूएमएस संघ से जुड़े एक लाख शिक्षकों ने इस कोष में पंजीयन कराकर एकजुटता का संदेश दिया है। यह पहल उन शिक्षकों के हित में सामने आई है जिन्हें 1998 से 2013 के बीच नियुक्ति मिलने के बावजूद उनकी सेवा की गणना 1 जुलाई 2018 से मानी गई, जिससे पूर्व की सेवा अवधि शून्य हो गई और वे ग्रेच्युटी तथा पेंशन के लाभ से वंचित रह गए।
इस परिस्थिति में नवीन शैक्षिक संवर्ग के शिक्षकों ने मिलकर कर्मचारी कल्याण कोष का गठन किया ताकि दिवंगत साथियों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा सके। इसी सहयोग भावना के तहत अब तक तीन मृत शिक्षकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह राशि प्रदेश भर के नवीन संवर्ग के शिक्षकों के योगदान से जुटाई गई है।
संघ से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि सेवा गणना से वंचित किए जाने के कारण भविष्य की सामाजिक सुरक्षा प्रभावित हुई है, इसलिए पारस्परिक सहयोग ही एकमात्र सहारा बना है। कर्मचारी कल्याण कोष के माध्यम से आगे भी जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहयोग देने का संकल्प दोहराया गया है।




