police dictatorship:आमला पुलिस की तानाशाही के खिलाफ एसपी कार्यालय पहुंचे छोटे व्यापारी
नियम विरुद्ध कार्यवाही का किया विरोध, धरना आंदोलन की दी चेतावनी

बैतूल। आमला पुलिस की कार्यप्रणाली और तानाशाही के खिलाफ गुरुवार 15 फरवरी को आमला विकासखंड क्षेत्र के छोटे व्यापारियों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर नियम विरुद्ध कार्यवाही करने का आरोप लगाया। आईजी होशंगाबाद के नाम पुलिस अधीक्षक कार्यालय को प्रेषित ज्ञापन में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना सूचना दिए टीआई सत्य प्रकाश सक्सेना और अन्य पुलिस स्टाफ ने छोटे दुकानदारों की दुकान हटाने के लिए तोड़फोड़ करते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। आमला पुलिस द्वारा छोटे दुकानदारों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। व्यापारियों का कहना है कि वह सभी गरीब परिवार से है और पिछले कई वर्षों से जनपद चौराहा के समीप चाय, पान, चाट, पकोडे, समोसे, बड़े, की दुकाने लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। सबकी दुकाने अस्थायी है और पाल परदे में संचालित होती है। अधिकांश तो दोपहर में दुकान लगाकर शाम को ठेला अपने घर ले जाते है। बुधवार को साप्ताहिक बाजार का दिन होने के बावजूद शाम को अचानक ही भारी पुलिस बल दुकानों पर आया और सभी की दुकाने तोड़ दी। दुकानदारों के साथ दुर्व्यवहार किया, मारपीट की तथा 1 दर्जन से अधिक गरीब दुकानदारों को लॉकअप में ठूस दिया। परिजन जब जानकारी लेने पहुंचे तो उनके साथ भी पुलिस ने दुर्व्यवहार ही किया। पुलिस दुकान का सामान भी उठाकर थाने ले गई। अमला पुलिस द्वारा झूठा केस बनाकर व्यापारी शिव साहू, कोमल साहू, इरशाद गुपचुप वाला, नितिन जैन, मीना अडलक, अजय यादव, जीतू, करण अतुलकर को लॉकअप में बंद कर दिया गया।
— व्यापारियों ने कहा पुलिस विभाग की जगह नहीं लगाते हैं दुकान–
पीड़ित व्यापारियों ने बताया कि जिस स्थान पर दुकानदार दुकाने लगाते है, वह जगह पुलिस की नही है, पुलिस की बाउण्ड्री के बाहर है। कोई आवागमन आदि भी प्रभावित नही होता है। कई वर्षों से दुकाने लग रही है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस का व्यवहार आपत्तिजनक है, जिससे दुकानदारों में भय का वातावरण बना हुआ है। यदि पुलिस इस तरह का व्यवहार करेगी तो छोटे व्यापारी बिना दुकान लगाए कैसे अपने परिवार का गुजारा कर पाएगी। व्यापारियों ने इस मामले में निष्पक्ष कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी आमला सहित दोषी सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि कार्यवाही नहीं होने पर समस्त व्यापारी जनपद चौराहा के सामने अपने परिवार के साथ भूख हडताल करने के लिए विवश हो जाएंगे।




