Statue Of Mahakal : नवरात्र उत्सव में पहली बार विराजित होगी 11 फीट ऊंची महाकाल की प्रतिमा
-बैतूल में वृंदावन, केदारनाथ, अमरनाथ और अयोध्या की मिट्टी से हो रहा प्रतिमा का निर्माण कार्य

Statue Of Mahakal : बैतूल। जिले के इतिहास में पहली बार नवरात्र उत्सव में बाबा महाकाल की 11 फीट ऊंची प्रतिमा विराजित की जा रही है। प्रतिमा को मूर्तिकार सुनील प्रजापति आकर दे रहे हैं। इस प्रतिमा में पवित्र नदी ताप्ती, नर्मदा, गंगा शिप्रा नदी के पवित्र जल सहित वृंदावन, केदारनाथ, अमरनाथ और अयोध्या की मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। महाकाल समिति गाड़ाघाट टिकारी द्वारा नवरात्र उत्सव में महाकाल की प्रतिमा विराजित की जाएगी।

इसके साथ ही मां वैष्णो देवी समिति के माध्यम से बैतूल में पहली बार शिवांश मेरिज लान इटारसी रोड बैतूल में अष्टधातु से निर्मित वैष्णो देवी की प्रतिमा विराजित की जा रही है। सुनील ने बताया कि मां वैष्णो देवी की प्रतिमा में सोना, चांदी, तांबा, सीसा, जस्ता, टीन, लोहा और पारा धातु का उपयोग किया जाएगा। माता वैष्णो दरबार में गणेश जी, भोलेनाथ, भैरव बाबा, हनुमान जी कालीजी और बाबा हारे के सहारे बाबा श्याम की प्रतिमा भी विराजमान होने जा रही है। मां वैष्णो देवी समिति के अध्यक्ष नीरज मालवी ने बताया कि अष्टधातु से बनी प्रतिमा बैतूल में पहली बार विराजमान हो रही है। अखंड ज्योत नौ दिन प्रज्वलित रहेगी। इसके साथ ही बाबा श्याम की पावन ज्योत प्रज्वलित होगी। जीएस जागरण खाटू श्याम कीर्तन ग्रुप बैतूल द्वारा बाबा खाटू श्याम के शानदार भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
नवरात्र पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। मां दुर्गा की मूर्तियों को भव्य रूप देने के लिए मूर्तिकार दिन-रात काम में जुटे हुए हैं। सुनील ने बताया कि पिछले 4- 5 वर्षो से वह स्वयं मूर्ति बना रहे हैं। समय से लोगों को मूर्तियां देने के लिए इन दिनों काम जोरों पर चल रहा है। गौरतलब है कि मूर्तिकार सुनील प्रजापति शहर की प्रतिष्ठित समितियां को मूर्तियां बनाकर देते हैं। शिवरात्रि पर भी उनके द्वारा शंभू भोले उत्सव समिति की शोभायात्रा के लिए विशाल शिवलिंग बनाकर दी गई थी। वहीं उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण के सकारात्मक प्रयास से जिला जेल में बंदियों को भी मूर्तियां बनाना सिखाया है।




