बैतूल में सीएम मोहन यादव का राहुल गांधी पर तंज, बोले- पप्पू के नेतृत्व में रोज डूब रही कांग्रेस की लुटिया

3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 30 करोड़ का बोनस वितरित, 443 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण

बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बैतूल दौरे में विकास की सौगात के साथ सियासत भी गरमाई। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की लुटिया रोज डूब रही है, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में हारने पर हाय-तौबा मचाई जाती है, जबकि केरल में जीत मिलने पर खामोशी छा जाती है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बैतूल सहित छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम संभाग के 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 30 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की। साथ ही जिले को 443 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देते हुए विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को खुद पता नहीं है कि राहुल गांधी उसका कहां बेड़ा गर्क कराएंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव हारने पर कांग्रेस ईवीएम को लेकर सवाल उठाती है, लेकिन केरल में जीत मिलने पर कुछ नहीं बोलती। चार राज्यों में चुनावी हार के बाद ईवीएम पर दोष मढ़ना और जीतने पर चुप रहना दोहरी राजनीति है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश के 80 प्रतिशत से अधिक हिस्से से कांग्रेस का सफाया हो चुका है। कर्नाटक सहित अन्य राज्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसा कि जहां-जहां इनके कदम पड़े, वहां बंटाधार हुआ। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था और उनकी जमीनें तक नीलाम हो जाती थीं। वर्तमान सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में पारदर्शी तरीके से काम कर रही है।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने जिले के विकास से जुड़ी कई मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। उन्होंने पेयजल व्यवस्था के लिए 48 करोड़ रुपये, पीएम श्री हाट बाजार, गीता भवन, रामघाटी परियोजना और कालेमेश्वर स्टोरेज सिंचाई परियोजना के लिए राशि स्वीकृत करने की मांग की। इसके अलावा स्कूलों के बुनियादी ढांचे के लिए 47 करोड़ रुपये, अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के लिए 50 करोड़ रुपये और बटरफ्लाई पार्क के लिए 3 करोड़ रुपये की मांग रखी। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उन्होंने वन क्षेत्र से बाहर की भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके बदले भिंड-मुरैना के बीहड़ क्षेत्र की जमीन वन विभाग को देने का प्रस्ताव भी रखा।

जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कई परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दी गई है। भैंसदेही में पूर्णा नदी पर रामघाटी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 153.88 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मुलताई क्षेत्र में नागठाना स्टोरेज जलाशय के लिए 35.43 करोड़ और राशीढाना स्टोरेज जलाशय के लिए 19.53 करोड़ रुपये दिए गए हैं। आमला क्षेत्र में खुंडाला सिंचाई परियोजना की नहर मरम्मत एवं सुधार कार्य के लिए 10.38 करोड़ और कलमेश्वर स्टोरेज सिंचाई जलाशय के लिए 6.65 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। बैतूल क्षेत्र में गुढ़बड़ियाटी स्टोरेज जलाशय के लिए 8.52 करोड़ तथा डोंगरपुर स्टोरेज जलाशय के लिए 4.94 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में सूखी नदी पर टेकरिया बैराज निर्माण के लिए 5.10 करोड़ और तवा नदी पर सातलदेही बैराज के लिए 4.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

शहरी सुविधाओं और खेल अधोसंरचना के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। पेयजल पाइपलाइन और इंटेक वेल निर्माण के लिए 48.04 करोड़ रुपये तथा पीएम श्री हाट बाजार और गीता भवन के लिए 17.81 करोड़ रुपये शामिल हैं। इंडोर स्टेडियम और फुटबॉल एस्ट्रोटर्फ निर्माण के लिए 61.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए कुल 46.76 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका निर्माण दो चरणों में होगा। पहले चरण में 20 करोड़ और दूसरे चरण में 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए भी कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। सातनेर-देहगुड़ मार्ग के 15.65 किलोमीटर निर्माण के लिए 46.95 करोड़ तथा झल्लार-अमला मार्ग के 15.60 किलोमीटर निर्माण के लिए 46.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अंधेरखावाड़ी-साकली मार्ग के 4.30 किलोमीटर निर्माण के लिए 5 करोड़, पुसली-धनौरा मार्ग के 5 किलोमीटर के लिए 4.50 करोड़, साकादेही-धोल मार्ग के 1.80 किलोमीटर के लिए 4 करोड़ तथा जावरा स्कूल पहुंच मार्ग के 2 किलोमीटर निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय रहा। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध करने का ऐलान किया था। इसके बाद पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई करते हुए कई कार्यकर्ताओं को उनके घरों से हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के दौरान जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष संजय सरदार यादव पुलिस को नहीं मिले, जिनकी तलाश की जा रही थी। इस तरह मुख्यमंत्री का बैतूल दौरा जहां 30 करोड़ के बोनस वितरण और 443 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को लेकर चर्चा में रहा, वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस पर उनके तीखे राजनीतिक हमले ने भी प्रदेश की सियासत को गरमा दिया।

 

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