चर्चित हत्याकाण्ड में हुआ फैसला

बैतूल। थाना बोरदेही क्षेत्र के चर्चित हत्याकाण्ड में पुलिस ने दोo आरोपियों के विरूद्ध भादसं की धारा 302/ 201/ 34 में प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया था। आरोपियों के अधिवक्ता सजल गर्ग ने बताया कि उक्त प्रकरण अपराध 304/22 में गोलू उर्फ प्रमोद सूर्यवंशी एवं रामनाथ उइके को आरोपी बनाया गया था। इन पर आरोप ये था कि दोनों आरोपी 22.6.22 को चैतू नाम के व्यक्ति को चुनाव जिताने के लिए कहीं पूजा पाठ कराने ले गए थे। वापस आने पर गोलू की गाड़ी में से चैतू का मोबाइल उठाकर ले गए। बाद में रेलवे पटरी के बीच चैतू का शव पाया गया और वहीं से उसका मोबाइल भी बरामद हुआ।
अभियोजन ने लगाए आरोप को सिद्ध करने के लिए दशरथ (मृतक का पिता), झुलबन (मृतक की पत्नी), लक्ष्मण भूमरकर, अनिल उइके एवं गोलू उइके (मृतक के भाई), प्रमोद सोनी, रेलवे कर्मचारी गुलाबचंद्र मीणा, उमेश साहू, राजेश यदुवंशी, मनोज सक्सेना एवं हेमंत प्रजापति, आरक्षक दिनेश, पटवारी विजय धुर्वे, प्रधान आरक्षक गजराज सिंह, टीआई जयंत मर्सकोले, डॉ. अशोक नरवरे, सहायक उपनिरीक्षक कमल सिंह, देवा यादव, विनोद बेले के कथन करवाए थे।
माननीय विशेष सत्र न्यायाधीश बैतूल ने विशेष सत्र प्रकरण के निर्णय में पाया कि अभियोजन सिद्ध नहीं कर पाया कि चैतू की हत्या हुई थी। इसके विपरीत गवाही में आया कि मृतक की मृत्यु रेल दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता। दोनों आरोपियों को दोष मुक्त किया गया। आरोपियों की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत गर्ग, सजल गर्ग, सोनू धुर्वे एवं अमित रघुवंशी ने की।




