मानसिक परेशानी को छिपाने के बजाय परिवार, काउंसलर या चिकित्सक से बात करें

ग्राम पंचायत बडोरा में मानसिक स्वास्थ्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बैतूल। ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान द्वारा गुरुवार को ग्राम पंचायत बडोरा में मानसिक स्वास्थ्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम समन्वयक निर्देश मदरेले ने कहा कि लोग शारीरिक बीमारी होने पर डॉक्टर के पास जाते हैं, लेकिन तनाव, उदासी, नींद न आने और घबराहट जैसी मानसिक परेशानियों को अक्सर छिपाते हैं। मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई का दबाव, नौकरी की चिंता, रिश्तों की उलझन और सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। ऐसी स्थिति में मन की बात किसी अपने, दोस्त, परिवार या काउंसलर से साझा करनी चाहिए। पर्याप्त नींद, व्यायाम, मोबाइल से ब्रेक और परिवार के साथ समय बिताने को भी जरूरी बताया गया।

काउंसलर अभिलाषा पवार ने कहा कि मन स्वस्थ तो तन और जीवन स्वस्थ है। उन्होंने मानसिक परेशानी होने पर बिना झिझक मदद लेने की अपील करते हुए कहा कि टूटना कमजोरी नहीं, बल्कि मदद मांगना हिम्मत है। उन्होंने बताया कि टेली मानस हेल्पलाइन 14416 पर 24 घंटे नि:शुल्क सहायता उपलब्ध है। साथ ही मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों का मजाक नहीं उड़ाने और उनके प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।

कार्यक्रम में सरपंच सविता धुर्वे, सचिव गौरीशंकर साहू, उप सचिव चंद्रपाल सरले, उप सरपंच ललिता बरैया, कम्यूनिटी वर्कर प्रीतिबाला पवार व संगीता लोखंडे, एमएंडई अवधेश पुंडे सहित ग्रामीण, मानसिक रोगी और उनके परिजन मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button