पहाड़ी और चट्टान मद की सरकारी भूमि समतल कर बेचे जा रहे प्लॉट, किसान संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा।
नायब तहसीलदार के आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण, सरपंच-सचिव-पटवारी पर एफआईआर की मांग।

बैतूल। आमला तहसील के ग्राम हरन्या में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण और प्लाटिंग का मामला सामने आया है। किसान संघर्ष समिति तहसील आमला के अध्यक्ष दिनेश यदुवंशी ने कलेक्टर और एसडीएम आमला को आवेदन सौंपकर ग्राम पंचायत हरन्या के सरपंच, सचिव और पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आवेदन में बताया गया है कि ग्राम हरन्या के खसरा नंबर 47/1/1, 47/1/2, 245 और 83 की शासकीय पहाड़ी एवं चट्टान मद की भूमि को समतल कर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। यह जमीन बोरदेही-बैतूल मार्ग और बोरदेही-हरन्या रेलवे स्टेशन के समीप स्थित होने के कारण करोड़ों रुपए मूल्य की बताई गई है।
किसान संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरपंच, सचिव और हल्का पटवारी की मिलीभगत से शासकीय भूमि पर अवैध प्लॉट काटकर भोले-भाले ग्रामीणों को पट्टे के नाम पर बेचा जा रहा है। समिति का कहना है कि इससे शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है और भविष्य में जमीन खरीदने वाले ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी की आशंका भी बनी हुई है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि इस मामले में राजस्व प्रकरण क्रमांक 0007/अ-68 वर्ष 2025-26 और 0025/अ-68 वर्ष 2026-27 में आदेश जारी होने के बावजूद अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। समिति ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
किसान संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामवासी और समिति आंदोलन करेंगे तथा शासन-प्रशासन का पुतला दहन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




