वन विभाग की कार्रवाई से 18 आदिवासी परिवारों पर बेदखली का संकट।
50 साल से काबिज जमीन बचाने कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्राम कनारी के ग्रामीण । खेती की जमीन बचाने ग्रामीणों ने एडीएम को सौंपा आवेदन।

बैतूल। चिचोली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत टोकरा के ग्राम कनारी में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर आदिवासी परिवारों में आक्रोश बढ़ गया है। करीब 50 वर्षों से कृषि भूमि पर काबिज 18 आदिवासी (कोरकू) परिवारों ने बेदखली के विरोध में कलेक्टर के नाम एडीएम को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर वे पीढ़ियों से खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं, उसी जमीन पर अब वन विभाग द्वारा बिना सूचना अतिक्रमण कर कब्जा किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषि सिरसाम और परिषद के चिचोली ब्लॉक अध्यक्ष पति राजेश बाबा साहू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। आवेदन में बताया गया कि यदि वन विभाग द्वारा जमीन से बेदखल किया गया तो 18 परिवारों के सामने रोजी-रोटी और रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि उन्हें वर्तमान भूमि से हटाया जाता है तो बदले में दूसरी कृषि भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
ग्रामीणों ने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया कि यदि उन्हें वैकल्पिक जमीन नहीं दी गई तो वे अपनी काबिज भूमि का कब्जा नहीं छोड़ेंगे। साथ ही मांग की गई कि 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, जिससे किसान आगामी फसल की बुवाई कर सकें।
इस दौरान शिवनारायण चावले, शिवराम चावले, शिव प्रसाद चावले, रामू काजले, हरीलाल कलमे, रामेश्वर चावले, कमल सिंह चावले, विश्राम चावले और समर लाल चावले सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




