ध्यान शिविर में बच्चों ने सीखी एकाग्रता और सकारात्मक जीवनशैली की सीख।
भंते धम्मसेन जी ने बच्चों को सिखाए अनुशासन, करुणा और सदाचार के दिए संस्कार। बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय की भावना के साथ संपन्न हुआ धम्म संस्कार शिविर।

बैतूल। बच्चों में नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से पंचशील बुद्धविहार बैतूल में रविवार को विशेष ध्यान एवं धम्म संस्कार शिविर का आयोजन किया गया। पूज्य भंते धम्मसेन जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रेरणादायी शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर ध्यान, धम्म और संस्कारों की महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की। शिविर के दौरान बच्चों को सरल एवं सहज भाषा में जीवन में करुणा और सदाचार का महत्व समझाया गया।
– धम्म और संस्कारों की दी सीख
कार्यक्रम में पूज्य भंते धम्मसेन जी ने बच्चों को प्रेरणादायी कहानियों, उदाहरणों और पंचशील के माध्यम से नैतिक जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कारों का विकास ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। नियमित ध्यान और धम्म संस्कार बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं, जिससे वे जीवन में सही दिशा प्राप्त कर सकते हैं।

– बच्चों ने उत्साह से लिया हिस्सा
ध्यान शिविर में बच्चों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ ध्यान एवं धम्म संस्कार गतिविधियों में भाग लिया। प्रमुख सहभागियों में दिव्यांश पाटिल, छवि मंडलेकर (एनखेड़ा), कुणाल वर्मा, आरव मंडलेकर, प्रणाली नागले, दीक्षांश नागले, शिखर दवंडे, आदित्य भालेकर, आस्था सलामे, वंशिका परपाचे, निहारिका सातनकर, शिवानी, अन्नू, तुषार गुजरे, तृप्ति गुजरे, आणवी चौकीकर, अक्षिता पाटिल, अरहन्त भूमरकर, नेहल पाटिल, आयात शेख, छवी वामनकर, लाव्यान्श मांडवे, देवेश पाटिल, सावनी मांडवे, नैना झरबड़े, विपिन अतुलकर, कनिष्का चौकीकर, आर्विका घोगरकर, हार्दित्य वरवड़े, आरण्य वर्धन सिंह, आनंद अतुलकर, आदित्य अतुलकर, नमामि दवंडे, सिद्धार्थ भूममरकर, तुलिका चौरसिया, आदि चौरसिया, काव्या वरवड़े, नवी नागले, नव्या अतुलकर, प्रिंसी सूर्यवंशी, निवेश नागले, रिदम मानकर, निदांश मानकर, श्रद्धा पाटिल, पल्लवी पाटिल, मानवी शेषकर, पूरव अतुलकर, आराध्या झरबड़े, विधि झरबड़े, अभिनव मांडवे, अनमोल मांडवे, ख्याति पाटिल, सार्थक पाटिल, श्लोक पाटिल एवं सक्षम उबनारे सहित अनेक बच्चे उपस्थित रहे।

– सेवा और सहयोग की बनी मिसाल
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि स्व.श्रीमती पुष्पा शेषकर की स्मृति में शेषकर परिवार द्वारा स्थापित वाटर फिल्टर कूलर गर्मी के दिनों में आयोजित सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है। इससे बच्चों, उपासकों और उपस्थित लोगों को शुद्ध एवं शीतल पेयजल की बेहतर सुविधा मिल रही है।
– सभी के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
शिविर के सफल आयोजन में डॉ. मनोज वरवड़े, रामदास पाटील, नरेश भूममरकर, माखन झोड़, कमलेश उबनारे, हितेष शेषकर, रामा अतुलकर, सुनील मांडवे, गीता नागले, संगीता कापसे, अमिता भूमरकर सहित समस्त उपासक एवं उपासिकाओं का विशेष योगदान रहा। बच्चों के भोजन, नाश्ते और पानी की व्यवस्थाओं में सभी ने सेवा भाव के साथ सहयोग प्रदान किया। बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय की भावना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।





