मां बगलामुखी त्रिकालदर्शी दरबार में गुरूमाता ने श्रद्धालुओं को दिया मार्गदर्शन ।
त्रिपुरसुंदरी राजराजेश्वरी मां बगलामुखी देवी के प्राकट्य और दिव्य लीलाओं का किया वर्णन।

बैतूल। ग्राम रावा में शनिवार को मां बगलामुखी देवी का त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार आयोजित हुआ। दरबार में आठनेर, मुलताई, पांढुर्ना और बैतूल क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने परम तपस्विनी सिद्ध साधिका गुरूमाता देवी ज्ञानेश्वरी गोस्वामी से आशीर्वाद और दिव्य मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरूमाता ज्ञानेश्वरी गोस्वामी द्वारा त्रिपुरसुंदरी राजराजेश्वरी मां बगलामुखी देवी के प्राकट्य और दिव्य लीलाओं के वर्णन से हुई। इसके बाद मां बगलामुखी देवी की महाआरती संपन्न हुई, जिसमें श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर नजर आए।

दरबार में गुरूमाता ने बिना जन्मतिथि लिए श्रद्धालुओं को निःशुल्क दिव्य मार्गदर्शन दिया। त्रिकालदर्शी दिव्य दृष्टि के माध्यम से भक्तों की समस्याओं के समाधान बताए गए। श्रद्धालुओं ने इसे चमत्कारी अनुभव बताया। कई लोगों ने इसे अपने जीवन का अनोखा आध्यात्मिक अनुभव बताया।
आयोजन समिति के अनुसार जिन श्रद्धालुओं ने पहले से व्हाट्सएप या फोन कॉल के माध्यम से पंजीकरण कराया था, उन्हें गुरूमाता से व्यक्तिगत मार्गदर्शन और दिव्य दर्शन का अवसर मिला। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजन-वंदन कर फल-फूल अर्पित किए और शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक समस्याओं से संबंधित समाधान प्राप्त किए।
आयोजन समिति से जुड़े अशोक देशमुख ने बताया कि कई भक्तों को बिना जन्मतिथि बताए ही सटीक जानकारी और समाधान प्राप्त हुए। वहीं भक्त रामशंकर देशमुख ने बताया कि गुरूमाता ज्ञानेश्वरी गोस्वामी जिला सिवनी स्थित मां बगलामुखी मंदिर की सिद्ध साधिका हैं और वे पिछले 30 वर्षों से मां बगलामुखी देवी की साधना कर रही हैं। उन्होंने बताया कि देवी कृपा से गुरूमाता को वाक्-सिद्धि प्राप्त है और उनकी हजारों भविष्यवाणियां प्रमाणित हो चुकी हैं।
मां ताप्ती क्षेत्र के उत्थान और जनकल्याण के उद्देश्य से आयोजित इस दिव्य दरबार का आयोजन मां बगलामुखी मंदिर सावंगी से जुड़े श्रद्धालुओं के सहयोग से किया गया। बैतूल क्षेत्र में गुरूमाता का यह दूसरा त्रिकालदर्शी दरबार रहा। इससे पहले खेड़ीकोर्ट में भी ऐसा आयोजन हो चुका है। आयोजन को सफल बनाने में मां बगलामुखी सिद्ध साधक आचार्य रविन्द्र मानकर की विशेष भूमिका रही।




