सांसद, मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष सब अपने… फिर क्यों प्यासा बैतूल: डागा।

बैतूल। जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा ने बैतूल जिले में पेयजल संकट को लेकर कहा कि जब सांसद भाजपा का, विधायक भाजपा का, नगर पालिका भाजपा की, जिला पंचायत भाजपा की, जनपद पंचायत भाजपा की, प्रदेश में भाजपा सरकार और केंद्र में भाजपा सरकार है, तब भी यदि बैतूल की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है तो यह भाजपा शासन की सबसे बड़ी विफलता है। निलय डागा ने कहा कि बैतूल की जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर 25 से 30 साल के सत्ता सुख के बाद भी भाजपा जनता को पीने का पानी तक क्यों नहीं दे पाई।

श्री डागा ने कहा कि बैतूल में लगभग 25 वर्षों से भाजपा का सांसद है। वर्तमान सांसद केंद्रीय मंत्री हैं। विधायक मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। पिछले 15 वर्षों से नगर पालिका में भाजपा का कब्जा है। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों में भी भाजपा का नियंत्रण है। इसके बावजूद हालात बेकाबू क्यों है। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक संकट नहीं राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता का जीवंत उदाहरण है।

– करोड़ों की योजनाएं, लेकिन नतीजा शून्य

निलय डागा ने सवाल उठाया कि चुनावों के दौरान लखापुर डेम से स्थायी जल आपूर्ति के बड़े-बड़े वादे किए गए थे। अमृत योजना और अमृत 2.0 योजना के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए। पाइपलाइन, जल संरचनाओं और जल प्रबंधन के नाम पर जनता को सपने दिखाए गए, लेकिन आज भी हर गर्मी में बैतूल की जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि योजनाएं सफल थीं तो संकट खत्म क्यों नहीं हुआ और यदि संकट बना हुआ है तो करोड़ों रुपए आखिर कहां खर्च हुए।

– माचना नदी की दुर्दशा पर भी हमला

कांग्रेस ने बैतूल की जीवनदायिनी कही जाने वाली माचना नदी की हालत को भी भाजपा सरकार की लापरवाही बताया। निलय डागा ने कहा कि पूरी नदी जलकुंभी से ढकी हुई है। जलीय जीव-जंतुओं का अस्तित्व संकट में है। नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो चुका है, लेकिन सरकार और प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नदी संरक्षण के नाम पर दिखावा किया गया, जबकि वैज्ञानिक तरीके से जलकुंभी हटाने और नदी को पुनर्जीवित करने के गंभीर प्रयास कभी नहीं किए गए।

– भाजपा की स्वीकारोक्ति ही सबसे बड़ा प्रमाण

निलय डागा ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वयं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि बैतूल में जल संकट है और लोग परेशान हैं। जब सत्ता पक्ष खुद समस्या मान रहा है तो यह स्पष्ट हो जाता है कि सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्षों तक विकास के दावे किए, लेकिन सच्चाई यह है कि जनता आज भी पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए संघर्ष कर रही है।

– जनता पूछ रही, जवाब कौन देगा

कांग्रेस ने कहा कि बैतूल की जनता अब भाषण नहीं, समाधान चाहती है। हर साल गर्मियों में संकट आता है, लोग परेशान होते हैं, टैंकर दौड़ते हैं, वादे होते हैं और फिर अगले साल वही हालात बन जाते हैं। निलय डागा ने कहा कि बैतूल विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को बताना होगा कि आखिर इतने वर्षों की सत्ता के बाद भी बैतूल प्यासा क्यों है। जनता अब हिसाब मांग रही है और इस बार सवाल सीधे पानी पर है, क्योंकि पानी ही जिंदगी है और बैतूल की जिंदगी आज संकट में है।

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