मेढ़बंदी तोड़कर कब्जा करने की कोशिश, पीड़ित ने कलेक्टर-एसपी से की शिकायत।
राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे पर विवाद, आवेदक पर दबाव बनाकर कब्जा कराने का आरोप।

बैतूल। भीमपुर तहसील क्षेत्र में जमीन सीमांकन को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है, जिसमें तहसीलदार, पटवारी और आवेदक सुरजलाल पिता काशीराम पर मिलीभगत कर नियमों को दरकिनार करते हुए जमीन पर कब्जा कराने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तक शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस जांच नहीं होने से विवाद और गहराता जा रहा है।
प्रकरण राजस्व मामला क्रमांक 0383/अ-12/वर्ष 2025-26 के तहत ग्राम भीमपुर स्थित भूमि खसरा नंबर 166/4/1, 166/4/2/1 रकबा 0.033 और 0.356 हेक्टेयर के सीमांकन से जुड़ा है। तहसील कार्यालय द्वारा सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक राजकुमार मालवीय, हल्का पटवारी अवधेश देशमुख सहित अन्य सदस्यों की टीम गठित की गई थी। आदेश में स्पष्ट रूप से 01 अप्रैल 2026 तक सीमांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
दूसरी ओर राजस्व आदेश पत्र अनुवृत्ति में दर्ज प्रकरण क्रमांक 0350/अ-12/2025-26 में उल्लेख है कि आवेदक सुरजलाल द्वारा लोक सेवा के माध्यम से भूमि खसरा नंबर 166/1/1 रकबा 0.203 हेक्टेयर के सीमांकन का आवेदन दिया गया था। सीमांकन की प्रक्रिया के दौरान अनावेदक की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई और बताया गया कि संबंधित भूमि का नक्शा और सीमांकन विवाद सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद पटवारी द्वारा सीमांकन रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि तहसीलदार और पटवारी ने जानबूझकर सिविल कोर्ट में लंबित प्रकरण को नजरअंदाज किया और आवेदक सुरजलाल के पक्ष में राजस्व पोर्टल पर नक्शा बटांकन दर्ज कर दिया। आरोप है कि सुरजलाल, जो पेशे से शासकीय शिक्षक है, ने प्रशासनिक सहयोग से खसरा नंबर 166/2 की जमीन पर मेढ़बंदी तोड़कर जबरन कब्जा करना शुरू कर दिया है।
पीड़ित का कहना है कि पुराने रिकॉर्ड और खसरे के अनुसार जमीन उनकी है, लेकिन फर्जी तरीके से नया नक्शा तैयार कर दबाव बनाया जा रहा है। खेत की तैयारी के दौरान भी विवाद की स्थिति बनी हुई है और शांति भंग होने की आशंका बढ़ गई है। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन, कलेक्टर और पुलिस प्रशासन की होगी।
मामले में राजस्व विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जहां एक ओर न्यायालय में प्रकरण लंबित है, वहीं दूसरी ओर सीमांकन और नक्शा बटांकन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि तहसीलदार को मेढ़ तोड़कर जबरन जमीन की जुताई किए जाने की शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने सिविल न्यायालय का हवाला देकर शिकायत लेने से इनकार कर दिया।




