नदियो का ननिहाल केन्द्रीय राज्यमंत्री को सप्रेम भेट ।
बैतूल जिले के लेखक पत्रकार डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढ़ावाला की सातवीं पुस्तक प्रकाशित।

बैतूल। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम रोढा में जन्मे 62 वर्षीय नि:शक्तलेखक एवं पत्रकार रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढ़ावाला जिले के एक मात्र ऐसे लेखक है जिनकी सातवीं पुस्तक नदियो का ननिहाल प्रकाशित हो गई है। ब्राइट एम पी पब्लिशर फरीदाबाद हरियाणा द्वारा प्रकाशित पुस्तक नदियो का ननिहाल सतपुड़ा की हरि भरी वादियो में बसे मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले से निकलने वाली एवं जिले से बहने वाली नदियो पर आधारित है। पुस्तक में नदी एवं नारी की स्वच्छता एवं निर्मलता को आधार मान कर लेखक ने यह बताने का प्रयास किया है कि भारत नदियो का देश है उसी देश में मध्यप्रदेश नदियो का मायका प्रदेश है लेकिन बैतूल जिला नदियो का ननिहाल है जहां पर एक नहीं अनेक नदियां निकलती है। लेखक ने बैतूल जिले की नदियो की जानकारी संकलित करने का प्रयास किया है लेखक के अनुसार उनके पास जिले के उतर वन मंडल की जानकारी प्राप्त है जिसके अनुसार उतर वन मंडल के बैतूल, सारणी, रानीपुर, शाहपुर – भौरा वन परिक्षेत्र में 256 से अधिक बरसाती, बारहमासी नदियां, नाले, झरने, एवं अन्य जल स्त्रोत है। लेखक ने जिले की तीन पवित्र नदियो का उल्लेख किया है जिनकी परिक्रमा या यात्रा की जाती है जिसमें ताप्ती, पूर्णा, बेल का जिक्र है। जिले की झापल पहाड़ी सण्े निकलने वाली सात नदियो का भी सचित्र विवरण पुस्तक में पढऩे को मिल जाएगा। बैतूल जिले के इतिहासिक एवं गौरवशाली तथा पौराणिक इतिहास तथा नदियो से जुड़ी कहानी किस्सो को भी प्रकाशित किया है। डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार की अभी तक छै पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है जिसमें बैतूलवी पत्रकारिता, पुस्तक मेरा बेतूल, मेरे बाबूजी, अजब गांव की गजब दास्तां, काला गुलाब, सहकारिता का सुहाना सफर प्रकाशित हो चुकी है। सोशल मीडिया एवं आन लाइन नेटवर्किंग साइट फिलीपकार्ट, अमेजान जैसे प्लेट फार्म पर भी लेखक की पुस्तक उपलब्ध है। 300 सौ रूपये मूल्य वाली इस पुस्तक की प्रथम प्रति पुण्य सलीला मां सूर्यपुत्री ताप्ती के श्री चरणो में भेट कर अन्य प्रति उनकी पूज्यनीय माताजी श्रीमती कसिया बाई दयाराम पंवार को सप्रेम भेंट कर उनका आर्शिवाद प्राप्त किया । पुस्तक की दूसरी प्रति श्री पंवार की सुपौत्री कुमारी तृप्ति पंवार को तथा तीसरी प्रति बैतूल जिले के लोकप्रिय सासंद एवं भारत सरकार के जन जातिय मामलो के राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके को तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं बैतूल से विधायक हेमंत विजय कुमार खण्डेलवाल को सप्रेम भेट की। श्री पंवार की चार पुस्तके अभी वर्तमान में प्रकाशनार्थ के लिए प्रकाशको के पास पहुंच चुकी है। जिसमें पंचायती राज को समर्पित मेरा गांव, मेरी सरकार, औद्योगिक नगरी मिनी इंडिया कहे जाने वाले पाथाखेड़ा – सारणी के हालात पर लिखी गई पुस्तक उजड़ा गुलशन रोता माली, पुण्य सलिला मां सूर्यपुत्री ताप्ती की परिक्रमा पर लिखी पुस्तक तापी ताप हरोए तथा मेरी आत्मकथा 2026 – 27 में छप कर आ जाएगी।
चित्र में लेखक डॉ. रामकिशोर पंवार के सुपुत्र मोहित पंवार श्री उइके को पुस्तक नदियो का ननिहाल की प्रति सप्रेम भेट करते हुए।




