अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बाल विवाह रोकने में योगदान देने वाली महिलाओं का हुआ सम्मान ।

बैतूल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला एवं बाल विकास दिवस का आयोजन शहीद भवन बैतूल के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम का संचालन वन स्टाप सेंटर की काउंसलर शिखा भौरासे ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मीरा अन्थोनी, मां शारदा समिति की जिला अध्यक्ष हेमा सिंह चौहान, परियोजना अधिकारी आठनेर रंजिता जोशी, प्रदीपन संस्था की डायरेक्टर रेखा गुजरे, वन स्टाप सेंटर की संचालिका अनामिका तिवारी और जिले की सोल्जर पत्रकार गौरी बालापुरे उपस्थित रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए पंचायत लीडर और वॉलेंटियर तथा बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने गांवों में बाल विवाह रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
परियोजना अधिकारी आठनेर रंजिता जोशी ने प्रधानमंत्री मातृत्व योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ योजना के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने की जानकारी दी। प्रदीपन संस्था की डायरेक्टर रेखा गुजरे ने महिला सुरक्षा पर चिंता जताते हुए बताया कि महिलाओं और बालिकाओं के अपहरण, लापता और पाक्सो से जुड़े मामलों में वृद्धि चिंता का विषय है। उन्होंने 18 फरवरी को मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए समाज में बढ़ते अपराधों पर जागरूकता की आवश्यकता बताई। समाजसेवी मीरा अन्थोनी ने कहा कि महिला कभी कमजोर नहीं रही है और समाज को उन्हें सम्मान और सुरक्षा देना चाहिए। मां शारदा समिति की जिला अध्यक्ष हेमा सिंह चौहान ने कहा कि उनका उद्देश्य गरीब और दुखियारी महिलाओं की सेवा करना है।
कार्यक्रम में प्रेरणा साहू को असम राइफल में चयनित होने पर शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
– इन महिलाओं का हुआ सम्मान
सुपरवाइजर अर्चना तिवारी को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। पवन रेखा सोलंकी को प्रशासन को उत्कृष्ट सहयोग देने तथा सुनीता बघेल को बाल विवाह रोकने में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। बाल विवाह रोकने में उत्कृष्ट कार्य के लिए पंचायत सरपंच जुगनू मौसिक, कमला, शांति, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रंगो धुर्वे, पुष्पा, रेखा, अंजू पाटिल, सुशीला पाटिल, गीता यादव, महिला बाल विकास की सुपरवाइजर सहित अन्य कार्यकर्ताओं को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उस बालिका का भी उल्लेख किया गया जिसने अपना बाल विवाह रोककर उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रदीपन संस्था द्वारा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क के सहयोग से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम झाड़ेगांव में महिलाओं ने मोमबत्ती जलाकर बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समानता के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।






