यूजीसी के नए नियमों के विरोध में 9 मार्च को होगा विशाल प्रदर्शन ।
शिवाजी ऑडिटोरियम से निकलेगी रैली, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन . जिलेभर से लोगों को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान..

बैतूल। यूजीसी द्वारा 15 जनवरी 2026 को जोड़े गए नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज बैतूल ने बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की है। समाज का आरोप है कि ये नियम सवर्ण वर्ग के छात्रों के विरुद्ध हैं और इससे उन्हें झूठे आरोपों में फंसाकर पढ़ाई और भविष्य प्रभावित किया जा सकता है। इसी मुद्दे पर 6 मार्च को बैतूल में संयोजक मंडल की बैठक में 9 मार्च को धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन और विशाल रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इन नियमों के तहत सवर्ण वर्ग का छात्र कुछ शिक्षण संस्थानों में स्वतंत्र रूप से अध्ययन नहीं कर पाएगा और किसी भी समय झूठे आरोपों में फंसाकर उसकी जिंदगी बर्बाद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में छात्र को अपनी सफाई देने का भी पूरा अवसर नहीं मिल सकेगा और वह आरोपों से स्वयं को अलग साबित नहीं कर पाएगा।
बैठक में इन नियमों को काला कानून बताते हुए पूरे समाज द्वारा इसका विरोध करने का निर्णय लिया गया।
– दत्त मंदिर सिविल लाइन में बैठक आज
इसके तहत 7 मार्च को शाम 5 बजे दत्त मंदिर सिविल लाइन बैतूल में सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी का आह्वान किया जाएगा।
संयोजक मंडल ने बताया कि यूजीसी के इस काले कानून के विरोध में 9 मार्च को दोपहर 12 बजे से बैतूल में धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन और विशाल रैली आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में जिले की सभी तहसीलों, नगरों और ग्रामों से सवर्ण समाज के भाई-बहनों को बड़ी संख्या में शामिल होने का आमंत्रण दिया जाएगा।
– उद्योग विभाग के सामने देंगे धरना
कार्यक्रम के अनुसार 9 मार्च को सुबह 11 बजे से 12 बजे तक सभी लोग शिवाजी ऑडिटोरियम में एकत्रित होंगे। इसके बाद 12 बजे रैली निकाली जाएगी जो मुल्ला पेट्रोल पंप, बस स्टैंड, लाली चौक होते हुए दादाजी के घर के सामने बाजार चौक से सीमेंट रोड के रास्ते लल्ली चौक पहुंचेगी। यहां से कलेक्टर बैतूल को ज्ञापन सौंपा जाएगा और इसके बाद उद्योग विभाग के सामने बैठक के रूप में प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में यूजीसी के इस कानून के प्रभाव और इससे सवर्ण समाज को होने वाले संभावित नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी तथा आगे की रणनीति पर भी चर्चा होगी। संयोजक मंडल ने कहा कि ज्ञापन देने के बाद भी यदि कानून वापस नहीं लिया गया तो आगामी समय में इसका विरोध और बड़े स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान यदि कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसके लिए सवर्ण समाज जिम्मेदार नहीं होगा।
बैठक के अंत में सवर्ण समाज जिला बैतूल के जिला अध्यक्ष सौरभ ठाकुर, मीडिया प्रभारी विकास मिश्रा गोल्डी, संयोजक राकेश त्रिवेदी तथा संयोजक ठाकुर जगदीश सिंह राघव ने जिलेभर के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में एकत्रित होकर यूजीसी कानून के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करने और कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।





