शराब घोटाले मामले में अदालत का फैसला सत्य की जीत: अजय सोनी…

 

सारनी। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और नर्मदापुरम जोन प्रभारी अजय सोनी ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े कथित शराब घोटाले मामले में राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट के फैसले को सत्य की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि विशेष जज जितेंद्र सिंह ने 598 पेज के आदेश में स्पष्ट किया कि अभियोजन की सामग्री से न तो प्रथम दृष्टया अपराध बनता है और न कोई गंभीर संदेह उत्पन्न होता है, केवल संदेह के आधार पर आरोप तय नहीं किए जा सकते।

अदालत ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित कुल 23 लोगों को आरोप तय होने से पहले ही बरी कर दिया। न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो के जांच अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच और उचित कार्रवाई की सिफारिश भी की है। आदेश में कहा गया कि एक चुने हुए लोकसेवक को बिना पर्याप्त और रिकॉर्ड समर्थित साक्ष्य के आरोपी बनाया गया। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि जांच पहले से तय दिशा में चलती रही और अन्य तथ्यों को जोड़कर साजिश का खाका बनाने की कोशिश की गई, जबकि साक्ष्य पर्याप्त नहीं थे।

मामले में तेलंगाना के तत्कालीन मुख्यमंत्री केसीआर की पुत्री के कविता की भी पूर्व में गिरफ्तारी हुई थी। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी अपवाद है, नियम नहीं। अनिश्चित अवधि की कैद दंडात्मक प्रक्रिया का रूप ले सकती है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मूल अपराध पर आधारित होता है और बिना मूल अपराध तय हुए गिरफ्तारी लोकतंत्र में चिंताजनक है। जांच एजेंसियां संविधान से ऊपर नहीं हैं।

अजय सोनी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 176 दिन, मनीष सिसोदिया ने 530 दिन, संजय सिंह ने 181 दिन और के कविता ने 165 दिन जेल में बिताए, लेकिन झुके नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से रचा गया था, जिसका उद्देश्य आम आदमी पार्टी के बढ़ते जनाधार को रोकना था। उन्होंने कहा कि अब अदालत के आदेश से सच्चाई सामने आ गई है और संविधान तथा न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

 

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