38 मौतों के सवाल पर बयानबाजी से बढ़ा राजनीतिक तापमान।
नेता प्रतिपक्ष उमंगसिंह सिंघार के समर्थन में युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष की तीखी प्रतिक्रिया।

बैतूल। नेता प्रतिपक्ष उमंगसिंह सिंघार को कथित रूप से औकात में रहने जैसे शब्द कहे जाने के मामले में राजनीतिक विवाद गहरा गया है। युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय पारधी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की भाषा शैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे असंसदीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा सवाल पूछना उनका अधिकार और दायित्व दोनों है।
विजय पारधी ने कहा कि उमंगसिंह सिंघार प्रदेश विधानसभा में प्रतिपक्ष का नेतृत्व करते हैं और आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। ऐसे में उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग सामाजिक सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के मंत्री को शब्दों की मर्यादा और सदन की गरिमा का पालन करना चाहिए।
भागीरथपुरा में दूषित जलप्रदाय से 38 लोगों की मृत्यु के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंगसिंह सिंघार ने जवाब मांगा था। इसी संदर्भ में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। युवा कांग्रेस पूर्व जिला अध्यक्ष पारधी ने कहा कि इतने गंभीर प्रकरण पर स्पष्ट उत्तर देने के बजाय सवाल उठाने वाले को औकात की भाषा में जवाब देना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
विजय पारधी ने आरोप लगाया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जिस प्रकार की भाषा का उपयोग किया, वह संसदीय नियमों और लोकलाज के अनुरूप नहीं है। लोकतंत्र में असहमति और सवाल स्वाभाविक हैं, उनका सम्मान होना चाहिए।




