कृषक कैलाश आर्य बने शिक्षा के सच्चे हितैषी

निजी खर्चे से स्कूल तक बनवाई ग्रेवल सड़क, शिक्षा की राह बनी आसान

हाई स्कूल की स्थापना के लिए दान दी लगभग दो एकड़ भूमि 

बैतूल। चिचोली जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पाटाखेड़ा में शिक्षा के प्रति समर्पण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है। ग्राम के व्यापारी एवं समाजसेवी कैलाश आर्य पिता सुखनंदन आर्य ने स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी को समझते हुए अपने निजी खर्चे से सड़क का निर्माण करवा दिया। इससे पहले उन्होंने गांव में हाई स्कूल की स्थापना के लिए निस्वार्थ भाव से लगभग दो एकड़ भूमि दान दी थी, जिस पर स्कूल भवन बनकर तैयार हुआ और बच्चे वहां पढ़ाई करने लगे।

– स्कूल तो बन गया, रास्ता नहीं था

स्कूल शुरू होने के बाद सबसे बड़ी समस्या वहां तक पहुंचने के रास्ते की थी। बरसात के दिनों में बच्चे कीचड़ में फिसलते हुए किसी तरह स्कूल पहुंचते थे। यह मार्ग गांव के लोगों के लिए भी एकमात्र रास्ता था, लेकिन समस्या पर लंबे समय तक कोई ध्यान नहीं दिया गया।

– बच्चों की तकलीफ देख लिया संकल्प

बच्चों और ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए समाजसेवी कैलाश आर्य ने स्वयं पहल की। उन्होंने मुख्य सड़क से स्कूल तक लगभग 200 मीटर लंबा ग्रेवल मार्ग अपने निजी खर्चे से बनवाकर तैयार करा दिया।

– निजी आय से किया जनहित का काम

कैलाश आर्य पाटाखेड़ा क्षेत्र के निवासी हैं। वे किसान भी हैं और किराना दुकान का संचालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने समाजहित को प्राथमिकता दी।

– ग्रामीणों और शिक्षकों ने जताया आभार

इस सराहनीय कार्य के लिए गांव के बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने कैलाश आर्य एवं उनके परिवार की खुले दिल से प्रशंसा की। उनके शिक्षा और जनसेवा के कार्यों को देखते हुए पूर्व में सांसद, विधायक, विभिन्न नेताओं और शिक्षकों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

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