Fake pictures of village development: बन्नुढाना गांव में खुली विकास की पोल, न आंगनवाड़ी भवन, न नालियां, नल सूखे और सड़कें बनीं तालाब 

बच्चे शिक्षा और ग्रामीण पानी के लिए बेहाल, किराए के भवन में आंगनबाड़ी केंद्र का हो रहा संचालन

8 लाख का बजट पास फिर भी नहीं बनी सड़क-नाली, पानी को तरस रहे ग्रामीण

गांव में सड़कों पर भरा गंदा पानी, संक्रामक बीमारी फैलने का बढ़ रहा खतरा

जनसुनवाई में पहुंचकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताई ग्राम विकास की सच्ची हकीकत

बैतूल। ग्राम विकास की झूठी तस्वीरें दिखाकर सरकारें चाहे जितनी वाहवाही लूट लें, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी कई गांवों की आंखें खोलने वाली है। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का बन्नुढाना गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। जहां बच्चों को किराए के मकान में आंगनवाड़ी की पढ़ाई करनी पड़ रही है, वहीं सड़कों पर घुटनों तक भरा पानी और नलों में सूखी टोंटियां सरकारी वादों की पोल खोल रही हैं।

मंगलवार 8 जुलाई को जनसुनवाई में पहुंचकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ग्राम विकास की सच्ची हकीकत बताई। चिचोली तहसील के ग्राम पंचायत चिरापाटला अंतर्गत आने वाले ग्राम बन्नुढाना के ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके गांव में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। गांव में आज तक शासकीय आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे बीते 10 से 12 वर्षों से बच्चों को किराए के मकान में आंगनवाड़ी जाना पड़ रहा है। असुविधाजनक वातावरण और अव्यवस्था के कारण बच्चे आंगनवाड़ी जाने से मना करने लगे हैं।

– बिना नाली के बनी हुई हैं गांव की सड़कें

गांव की सड़कें बिना नाली के बनी हुई हैं, जिससे बारिश में पानी की निकासी नहीं हो पाती और रास्तों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इसी पानी में बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है, जिससे संक्रमण फैल रहा है और मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां पनप रही हैं। ग्रामीण आदर्श उइके, अमरदास उइके, सौरभ धुर्वे, संतराम उइके, दीपक उइके, अंकित धुर्वे, आंटू उइके, गौतम परते, राजकिरण कुमरे, मन्तु धुर्वे, मनीष धुर्वे, बलराम धुर्वे और अमन उइके का कहना है कि शासन द्वारा गांव की सड़क और नाली के निर्माण के लिए लगभग आठ लाख रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ।

– हैंडपंप और कुएं के पानी पर निर्भर ग्रामीण

वहीं नल-जल योजना के तहत जो नल लगाए गए हैं, उनमें एक बूंद पानी नहीं आता। गांव के लोग आज भी कई किलोमीटर दूर हैंडपंप और कुएं से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के सरपंच रामपाल भलावी से कई बार शिकायत की लेकिन सिर्फ़ आश्वासन मिला। हर बार यही कहा जाता है कि जल्द ही आंगनवाड़ी भवन बन जाएगा, नाली-सड़क का निर्माण हो जाएगा और नल चालू हो जाएंगे, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा।अब ग्रामवासी जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तत्काल जांच करवा कर आंगनवाड़ी भवन का निर्माण, सड़क और नाली का निर्माण तथा नल जल योजना को चालू करवाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

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