message of water conservation: गांव-गांव में दीवारों पर उकेरे जा रहे जल बचाव के संदेश
जल संरक्षण को लेकर अलख जगा रही है नवांकुर संस्थाएं

जल संकट एक गंभीर मुद्दा: दिनेश माकोड़े
दीवार लेखन के माध्यम से दिया जा रहा है जल संरक्षण का संदेश
बैतूल। जल संरक्षण की चेतना अब ग्रामीण दीवारों पर भी नजर आने लगी है। आठनेर विकासखंड में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की पहल पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नवांकुर संस्थाएं गांव-गांव में दीवार लेखन कर जनजागरूकता फैला रही हैं। परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त पर्यावरणविद् मोहन नागर के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान में सावंगी ग्राम की ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति द्वारा दीवार लेखन किया गया।नर्मदापुरम संभाग समन्वयक कौशलेश तिवारी एवं जिला समन्वयक प्रिया चौधरी के सतत निर्देशन में विकासखंड आठनेर में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर की विकासखंड समन्वयक मधु चौहान ने बताया कि विकासखंड आठनेर की नवांकुर संस्थाएं जल संरक्षण को लेकर गांव-गांव में अलख जगा रही है। संस्थाओं द्वारा ग्राम ग्राम में दीवार लेखन कर जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सावंगी द्वारा 3 मई को ग्राम में प्रभावी दीवार लेखन किया गया। संस्था के अध्यक्ष दिनेश माकोड़े ने कहा कि जल संकट एक गंभीर मुद्दा है। यदि अभी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में पानी की समस्या विकराल रूप ले लेगी। जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य है कि हर गांव जल संरक्षण की दिशा में आत्मनिर्भर बने। इसी को लेकर सेक्टर में जल संरक्षण को लेकर जल संगोष्ठियों,जल स्रोतों की साफ सफाई, नदी तालाब की स्वच्छता इत्यादि कार्य ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के छात्र-छात्राओं के सहयोग से किया जा रहे हैं। दीवार लेखन कार्यक्रम में मुख्य रूप से परामर्शदाता आशुतोष सिंह चौहान प्रस्फुटन समिति से रमेश राने, प्रयाग झरबड़े, पूनम दवंडे, लख्खू सराटकार, प्रवीण झरबड़े, बाबा लिखितकर,भगवत लिखितकर, रमेश दवंडे, सीएमसीएलडीपी छात्रा हेमलता दवंडे, अश्विनी माकोड़े सहित ग्रामवासी उपस्थित रहे।





