Protest against fake encounter: आदिवासी कांग्रेस ने मंडला में फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ किया प्रदर्शन

नक्सलियों के नाम पर आदिवासियों की हत्याएं बंद करे सरकार: रामू टेकाम

रानी दुर्गावती प्रतिमा से कलेक्टर कार्यालय तक निकाली रैली

पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने कांग्रेस ने सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की 

बैतूल। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में हुए एनकाउंटर के विरोध में बैतूल जिला आदिवासी कांग्रेस ने शुक्रवार 21 मार्च को जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह 11:30 बजे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रानी दुर्गावती प्रतिमा से जिला कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह विरोध प्रदर्शन मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया और प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम के निर्देश पर किया गया। आदिवासी कांग्रेस ने फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए मांग की कि हिरण सिंह बेगा की हत्या की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने कहा कि हिरण सिंह बेगा का फर्जी एनकाउंटर सरकार की आदिवासी विरोधी मानसिकता को दिखाता है। निर्दोष आदिवासियों को नक्सली बताकर मारा जा रहा है, जो पूरी तरह अन्याय है।

भाजपा राज में आदिवासियों का फर्जी एनकाउंटर बंद हो- रामू टेकाम

प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने कहा कि भाजपा सरकार निर्दोष आदिवासियों की हत्या कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना में गरीब मजदूर को नक्सली बताकर मार दिया गया, जिससे उसके बच्चे अनाथ हो गए और परिवार के सामने जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गई। टेकाम ने मांग की कि पीड़ित परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले और सरकार नक्सलियों के नाम पर आदिवासियों की हत्याएं बंद करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों पर रोक नहीं लगी तो पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

यह है पूरा मामला

मामला बीते 9 मार्च का है, जब मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र के ग्राम खटिया लसरे टोला निवासी गरीब आदिवासी मजदूर हिरण सिंह बेगा को पुलिस ने नक्सली बताकर फर्जी एनकाउंटर में मार गिराया। मृतक मानसिक रूप से कमजोर था और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मौत के बाद पत्नी बिसरोबाई और पांच छोटे बच्चे बेसहारा हो गए हैं।

आदिवासी कांग्रेस ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में आदिवासियों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। पहले नेमावर कांड, सीधी पेशाब कांड, सिवनी हत्या कांड, महू में बलात्कार और हत्या, विदिशा के लटेरी में वन रक्षकों द्वारा चैन सिंह की गोली मारकर हत्या, गुना में रामप्यारी बाई को जिंदा जलाना और नीमच में कन्हैयालाल भील को पिकअप से घसीटकर मारने जैसी घटनाएं हुई हैं। अब मंडला में निर्दोष हिरण सिंह बेगा को मार दिया गया।

– आदिवासी जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग

आदिवासी कांग्रेस ने इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए राष्ट्रपति से अपील की है कि हाईकोर्ट के जज की निगरानी में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की जाए, जिसमें एक आदिवासी जज और आदिवासी पक्ष-विपक्ष के विधायक शामिल हों। इसके अलावा, थाना प्रभारी, पुलिस अधीक्षक और हॉक फोर्स के अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पीड़ित परिवार को सरकार दो करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दे, एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च उठाया जाए। साथ ही, नक्सलवाद के नाम पर निर्दोष आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को बंद करने और जल-जंगल-जमीन से बेदखल करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।

– प्रदर्शन में यह रहे शामिल

विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस जिला अध्यक्ष हेमंत वागद्रे, आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, जिला अध्यक्ष डॉ. रमेश काकोड़िया, अरुण गोठी, प्रदेश सचिव समीर खान, रमेश गायकवाड़, राजा सोनी, राजू गावंडे, मिथलेश राजपूत, पंकज तुमड़ाम, विशाल परते, मंगेश सरियाम, पंजाब आहके, धन्नू उईके, गोविंद कवड़े, कमलेश उईके, रमेश भलावी, कैलाश परते, सेंटी वाघमारे, गणेश पांसे, करण वटके, छोटेलाल बारस्कर, लवकेश भलावी, रामकिशोर अखंडे, दुर्गेश आर्य, आरती बारस्कर, राधिका बारस्कर, नीलू भूशुमकर, शेखर कुमरे, सरपंच पचांग अमित कुमरे, सरपंच पाढर, संजू वट्टी, बाबा होटल, मनोहरी उईके, रामकिशोर नवडे, चिल्लू वट्टी, राजू धुर्वे, संजू वाडीवा, जनपद सदस्य कमलेश काकोड़िया, रघुनन्दन उईके, पिन्टू वरकड़े, धनराज इवने और सरपंच ढप्पा शामिल थे।

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