Demand to withdraw the case of Atrocity Act: संविदा कर्मचारी राहुल बनाईत के खिलाफ दर्ज एट्रोसिटी एक्ट का मामला वापस लेने की मांग
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन

मुलताई में स्वास्थ्य कर्मचारी और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के बीच बढ़ा विवाद
बैतूल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुलताई में कार्यरत संविदा कर्मचारी राहुल बनाईत के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश ने कलेक्टर, एसपी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ ने आरोप लगाया कि ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंचम सिंह गुरु द्वारा कर्मचारी राहुल बनाईत के साथ अभद्रता की गई, गाली-गलौच की गई और मारपीट का प्रयास किया गया। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. पंचम सिंह द्वारा पूर्व में भी अन्य कर्मचारियों के साथ इसी प्रकार का दुर्व्यवहार किया जाता रहा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
संघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि 27 जनवरी को खंड चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में आयोजित रैली के दौरान कुछ अपरिहार्य घटनाएं हुईं, जिसके बाद बिना पूरी घटना को समझे ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंचम सिंह ने राहुल बनाईत के खिलाफ कार्रवाई की। संघ के अनुसार, जब कर्मचारी राहुल बनाईत ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए खेद भी प्रकट कर दिया, तब भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
संघ ने यह भी बताया कि राहुल बनाईत टीबी नियंत्रण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं और उन्हें जिला स्तर पर प्रशंसा पत्र भी प्राप्त हुआ है। इसके बावजूद उनके खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें निशाना बनाया गया है। संघ ने आरोप लगाया कि यह मामला जातिगत भेदभाव से प्रेरित है और भविष्य में भी डॉ. पंचम सिंह अन्य कर्मचारियों के खिलाफ इस प्रकार के कानूनों का दुरुपयोग कर सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में भय का माहौल बना हुआ है। संघ ने कलेक्टर, एसपी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर राहुल बनाईत के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने और विभागीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि यदि इस प्रकार के विवादों को समाप्त नहीं किया गया तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और आम जनता को मिलने वाले लाभ बाधित होंगे।




