State level youth-girl introduction conference: केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में आदिवासी युवतियों ने रखी संस्कारी जीवनसाथी की इच्छा
- आदिवासी मंगल भवन में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन, 244 ने कराया पंजीयन

नशा न करने वाला और संस्कारी जीवन साथी चाहिए
– परिचय सम्मेलन में खुलकर बोले युवा, आदर्श जीवन साथी के लिए रखीं स्पष्ट शर्तें
– आदिवासी मंगल भवन में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन, 244 ने कराया पंजीयन
– युवक-युवती परिचय पुस्तिका के द्वितीय संस्करण का हुआ विमोचन, गोंडी गीत और नृत्य बने आकर्षण का केंद्र
– केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में आदिवासी युवतियों ने रखी संस्कारी जीवनसाथी की इच्छा
बैतूल। राज्य स्तरीय आदिवासी युवक-युवती परिचय सम्मेलन में युवतियों ने खुलकर अपनी अपेक्षाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा जीवनसाथी चाहिए जो नशा न करे, समझदार और संस्कारी हो। समस्त आदिवासी समाज संगठन के तत्वावधान में आदिवासी सामुदायिक मंगल भवन बैतूल में राज्य स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन सामाजिक एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
इस कार्यक्रम से यह साफ हो गया कि आदिवासी समाज में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। समाज के युवक-युवतियां अब अपने भविष्य को लेकर बेहद गंभीर और समझदार हो गए हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी शामिल हुए और उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक बड़ा कदम बताया। परिचय सम्मेलन में जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, कांग्रेस नेता रामू टेकाम, समस्त आदिवासी समाज संगठन के अध्यक्ष सुंदरलाल उइके, कोरकू समाज संगठन के अध्यक्ष जनकलाल मवासे, आकास संगठन जिला अध्यक्ष शंकर सिंह आहके प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी परंपराओं के अनुसार हुई। कोयापुनेमी भुमका सूरज परते ने गोंडी पड़ापेन गोंगो का आयोजन किया। इसके बाद केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने महापुरुषों के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और गोंडी पड़ापेन सुमरनी की। अतिथियों का स्वागत हल्दी-चावल के टीके और पीले गमछे से किया गया। कार्यक्रम में युवक-युवती परिचय पुस्तिका के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया गया। दुर्गादास उइके ने कहा कि इस सम्मेलन से समाज के युवक-युवतियों को अपने जीवनसाथी चुनने का एक मंच मिला है। उन्होंने समाज की उन्नति और रिश्तों में सरलता लाने के लिए इस प्रयास की सराहना की। कोरकू समाज अध्यक्ष जनकलाल मवासे ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवक-युवती बिना किसी झिझक के अपनी बात रख सकते हैं और अपने जीवनसाथी का चयन कर सकते हैं। मंच पर युवतियों ने अपने जीवनसाथी के लिए विशेष शर्तें रखीं। उन्होंने कहा कि वे ऐसे जीवनसाथी की तलाश में हैं, जो नशा न करे, समझदार और संस्कारी हो। युवतियों ने खुले मन से अपने विचार प्रस्तुत किए, जिससे सामाजिक एकता का उदाहरण भी सामने आया। छिंदवाड़ा के गोंडी गायक सुखनंदन आहके, आरती परते और राजेश सरियाम ने गोंडी गीतों की प्रस्तुति दी। रानी दुर्गावती डांस ग्रुप खेड़ला और जय सेवा डांस ग्रुप बेला ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को और रंगीन बना दिया।
– विभिन्न जिलों से जुटे युवक-युवती
इस कार्यक्रम में बैतूल, हरदा, अमरावती, नागपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, देवास, नर्मदापुरम और मंडला सहित अन्य जिलों के युवक-युवतियों ने भाग लिया। कुल 244 युवक-युवतियों ने पंजीकरण कराया, जिसमें से 45 से अधिक ने मंच पर आकर अपना परिचय दिया। मंच संचालन जितेंद्र सिंह इवने और शिवानी धुर्वे ने किया। अंत में कार्यक्रम का आभार राजेश कुमार धुर्वे ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरवन सिंह मरकाम, शंकर पेंदाम, अखिलेश कवड़े,अंतू सिंह मर्सकोले, कल्लू सिंह उइके, योगेश धुर्वे, भूपेंद्र पन्द्राम, देवेश्वरी मरकाम, डा. रमेश काकोडिया,शशि वाड़िवा, अनिता सलामे, गीता उइके, राजेश कुमार धुर्वे, जयस नेता जामवंत सिंह कुमरे, जिला पंचायत सदस्य संदीप कुमार धुर्वे, अंकित कुमरे, क़ानूलाल उइके, अविनाश धुर्वे, बबली कुमरे, राहुल कासदे, रामदास उइके, सुनील कवड़े, आशीष उइके, अलकेश कवड़े, मोहन धुर्वे, सदाशिव प्रधान, पुष्पा पेंदाम , शीतल सिंह उइके, शंकर सरियाम, राजकुमार परते, बंटी उइके, राजकुमार काकोडिया, सुनील उइके, अलकेश इवने सहित अन्य सामाजिक बन्धु उपस्थित थे।





