Deepak Malviya became the president of Sadar Machana Moksha Dham: दीपक मालवीय बने सदर माचना मोक्ष धाम के अध्यक्ष
विधायक हेमंत खंडेलवाल के सहयोग से होगा मोक्ष धाम का पुनर्निर्माण

संरक्षक मंडल में भाजपा नेता विकास मिश्रा, संजू सोलंकी, मुन्ना मानकर शामिल
समिति की टीम करेगी कार्य आरंभ, जल्द होगा जर्जर घाट का जीर्णोद्धार
बैतूल। सदर माचना नदी के किनारे स्थित मोक्ष धाम के जीर्णोद्धार की तैयारी शुरू हो गई है। समाजसेवा और हिंदू संगठनों से जुड़े दीपक मालवीय को मोक्ष धाम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। घाट की दयनीय स्थिति को देखते हुए इस समिति का गठन किया गया है। जल्द ही जीर्णोद्धार कार्य शुरू होगा और इसे एक व्यवस्थित और आधुनिक स्थल में तब्दील किया जाएगा।
समिति के सदस्य शनि साहू ने बताया कि विधायक हेमंत खंडेलवाल ने इस कार्य में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मोक्ष धाम के निर्माण और पुनर्निर्माण कार्य के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। विधायक ने समिति के सदस्यों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समाज के लिए एक मिसाल बनेगी।
समिति में संरक्षक के रूप में भाजपा नेता विकास मिश्रा, संजू सोलंकी, मुन्ना मानकर को शामिल किया गया है। अन्य प्रमुख सदस्यों में समाजसेवी गोलू उघड़े, अनुज राठोर, विक्रांत कनाठे, मनीष मालवीय, पवन मालवीय, शनि साहू और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
दीपक मालवीय ने कहा कि सदर माचना नदी के पास स्थित यह मोक्ष धाम बहुत पुराना है और आज जर्जर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि घाट की देखरेख और पुनर्निर्माण बहुत जरूरी हो गया है। समिति के सदस्य जल्द ही एक व्यापक योजना बनाकर कार्य शुरू करेंगे।मोक्ष धाम समिति में बैतूल के कई प्रमुख बुद्धिजीवी और समाजसेवी जुड़े हैं। इनमें प्रवीण साहू, लोकेश रावत, भवानी सरले, पिंटू ढोमने और दीपक कोसे जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी मिलकर इस कार्य को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
– समाजसेवा में अग्रणी रहे हैं दीपक मालवीय
दीपक मालवीय समाजसेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे गो तस्करी को रोकने, असहाय, गरीब और वंचित लोगों की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक पूरा कराने में मदद करते रहे हैं। हिंदू संगठनों से जुड़कर उन्होंने समाजसेवा के कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। दीपक मालवीय ने बताया कि जीर्णोद्धार के बाद मोक्ष धाम में अत्याधुनिक व्यवस्थाएं होंगी। यहां सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। घाट को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यह एक आदर्श स्थल बने।




