Comma Introduction Workshop: अल्पविराम आत्ममंथन का अवसर देता है: संजित श्रीवास्तव

घोड़ाडोंगरी में 60 कर्मचारियों ने लिया आनंद कार्यशाला का लाभ

बैतूल। जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में 16 दिसंबर को जनपद पंचायत सभागार में राज्य आनंद संस्थान द्वारा एक दिवसीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षत जैन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजित श्रीवास्तव ने कहा कि अल्पविराम कार्यक्रम व्यक्ति को आत्ममंथन और आत्मनिरीक्षण का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चा आनंद बाहरी चीजों से नहीं, बल्कि स्वयं को पहचानने और भीतर झांकने से आता है।

कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ। कार्यक्रम में आनंद संस्थान के जिला संपर्क व्यक्ति महेश गुंजेले, मास्टर ट्रेनर तुलिका पचौरी, आनंद सहयोगी आशीष पचौरी और आशीष कोकने ने महत्वपूर्ण सत्र लिए। महेश गुंजेले ने विषय पर चर्चा करते हुए जीवन का लेखा-जोखा सत्र आयोजित किया, जिसमें प्रतिभागियों ने बचपन से अब तक अपने अनुभव साझा किए। तुलिका पचौरी ने रिश्तों के महत्व पर बात करते हुए आत्मविश्लेषण के लिए शांत समय दिया। वहीं, आशीष पचौरी ने फ्रीडम ग्लास के माध्यम से क्रोध, लोभ, ईर्ष्या जैसे भावों को पहचानने पर जोर दिया। कार्यशाला के समापन पर जिला नोडल अधिकारी संतोष पंवार ने कहा कि आज के समय में भौतिक सुख-सुविधाओं के बावजूद व्यक्ति असंतोष में जी रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच को विकसित करना है। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग और कृषि विभाग के कुल 60 कर्मचारियों ने भाग लिया। फीडबैक के दौरान प्रतिभागियों ने कहा कि आनंद विभाग की यह पहल आत्ममंथन और सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक है। इस कार्यशाला के सफल आयोजन में जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।

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