Sarpanch warned of suicide: सचिव की मनमानी से त्रस्त महिला सरपंच ने आत्महत्या की दी चेतावनी

कुनखेड़ी पंचायत में निर्माण कार्यों में अनियमितता पर सचिव को तत्काल हटाने की मांग

अधूरे पड़े निर्माण कार्यों और अनियमितताओं से ग्रामीणों में रोष, सचिव को हटाने की उठी मांग
ग्रामीणों की मांग ग्राम पंचायत में किसी दूसरे सचिव को नियुक्त किया जाए
बैतूल। भीमपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कुनखेड़ी में सचिव रमेश येवले के भ्रष्टाचार से परेशान होकर सरपंच और पंचों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है। सरपंच आशाय कास्दे और पंचों ने जनपद कार्यालय पहुंचकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी को शिकायत सौंपी और सचिव रमेश येवले पर लापरवाही, मनमानी, और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। सरपंच आशाय कास्दे ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्यवाही नहीं हुई, तो वे आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगी। आवेदन में सरपंच ने आरोप लगाया कि सचिव रमेश येवले ने निर्माण कार्यों को अधूरा छोड़ दिया है और कई कार्यों में गड़बड़ी कर अपनी मनमानी चला रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत के अंतर्गत बोरी में सीसी रोड निर्माण कार्य, पेवर ब्लॉक, बाउंड्री वॉल, शिक्षिका भवन, आंगनवाड़ी भवन और पालंगा में चौपाल सहित कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। सरपंच ने आरोप लगाया कि सचिव ने इन कार्यों की मजदूरी, बोल्डर, रेत और पानी का भुगतान नहीं किया है। सचिव रमेश येवले की मनमानी के कारण सरपंच को बार-बार निर्माण कार्य के हिसाब मांगने के बावजूद जानकारी नहीं दी जा रही है। इसके साथ ही सचिव अपने स्वार्थ के चलते पंचायत कार्यों को नजरअंदाज कर रहे हैं और मनमानी से ठेकेदारी कर रहे हैं।
सचिव रमेश येवले पर आरोप है कि वह डिजिटल साइन का दुरुपयोग कर बिना ओटीपी और बिना अनुमति के कई बिलों का भुगतान कर चुके हैं, जबकि मनरेगा के बिलों पर सरपंच के साइन नहीं हैं, फिर भी खातों से राशि निकाली जा रही है। सरपंच ने कहा कि सचिव न केवल विकास कार्यों में अड़चन डाल रहे हैं, बल्कि दुर्व्यवहार भी करते हैं। उनके कारण जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ग्रामीणों को बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं।
सरपंच आशाय कास्दे ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने जिला पंचायत सीईओ और जनसुनवाई में आवेदन देकर सचिव की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सचिव को तुरंत नहीं हटाया गया और अधूरे पड़े निर्माण कार्य पूरे नहीं करवाए गए, तो वे आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगी। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया।
जनपद कार्यालय में पहुंचकर सरपंच और पंचों ने आवेदन देते हुए यह भी मांग की कि कुनखेड़ी ग्राम पंचायत में किसी दूसरे सचिव को नियुक्त किया जाए, ताकि पंचायत के कामकाज सुचारू रूप से हो सकें और ग्रामीणों को हो रही समस्याओं का समाधान मिल सके।

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