Loan taken from fake documents: बैंक शाखा प्रबंधक और दलाल की मिलीभगत से किसान पर चढ़ा तीन लाख का फर्जी कर्ज
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चिल्लौर में धोखाधड़ी का मामला

बैतूल। भीमपुर तहसील के बासिंदा गांव के आशाराम पिता टोंगें, कोरकू, एक गंभीर धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। उन्होंने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, बैंक शाखा चिल्लौर के शाखा प्रबंधक दिलीप राठौर और गांव के ही सुरत पिता नन्हेसिंह के खिलाफ केंद्रीय मंत्री डीडी उइके के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।
आशाराम ने बताया कि सुरत ने उन्हें खाद-बीज के लिए ऋण दिलाने का लालच देकर आधार कार्ड और जमीन के कागजात अपने पास रख लिए। कुछ समय बाद, बैंक शाखा प्रबंधक दीलिप राठौर ने आशाराम के घर आकर उन्हें बताया कि उनके ऊपर तीन लाख रुपये का कर्ज चढ़ चुका है। यह सुनकर आशाराम हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने न तो कोई ऋण लिया था और न ही बैंक से किसी प्रकार का लेन-देन किया था।
प्रबंधक ने बिना किसी वैध दस्तावेज़ या सहमति के आशाराम से विड्राल पर हस्ताक्षर करवा लिए। जब आशाराम को इस धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत केंद्रीय मंत्री डीडी उइके से संपर्क किया। मंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे कलेक्टर के पास जांच और उचित कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
केंद्रीय मंत्री डीडी उइके की इस तत्परता से आशाराम को न्याय मिलने की उम्मीद है। इस मामले ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय किसानों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मामला क्षेत्रों में बैंकिंग प्रणाली की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल उठा रहा है, खासकर जब गरीब और अशिक्षित किसानों को इस तरह के फर्जीवाड़े का शिकार बनाया जाता है। आवेदक किसान ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की हैं, जिससे इस धोखाधड़ी के जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।




