Revenue Maha Abhiyan 2.0: झमाझम बारिश में भी जारी है राजस्व महा अभियान

चिचोली नगरीय क्षेत्र के आधा दर्जन वार्डों में आयोजित किया राजस्व महा अभियान शिविर

बैतूल/चिचोली। मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर बैतूल जिले सहित सभी ब्लॉकों में राजस्व महा अभियान 2.0 जोरों पर है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मकान, दुकान, प्लॉट और किसानों की खेती भूमि को आधार से लिंक करना है। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक, पटवारी, ग्राम कोटवार सहित अन्य कर्मचारी नगर के वार्डो और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर आधार अपडेशन और ई-केवाईसी कार्य कर रहे हैं।

शिविरों में पटवारी और अन्य कर्मचारी कंप्यूटर और लैपटॉप लेकर जुटे हुए हैं, भले ही मौसम कितना भी खराब क्यों न हो। बारिश की परवाह किए बिना, ये कर्मचारी जमीन मालिकों की ई-केवाईसी कर रहे हैं। इंटरनेट विहीन इलाकों से भूमी स्वामियों को ट्रैक्टर, जीप और अन्य साधनों से नेटवर्क स्थल पर लाकर उनकी ई-केवाईसी करवाई जा रही है।

— शिविरों में राजस्व मामलों का भी निपटारा–

इन शिविरों में सिर्फ ई-केवाईसी ही नहीं, बल्कि राजस्व संबंधित मामलों का भी निपटारा किया जा रहा है। मुलताई, भैंसदेही, आमला, शाहपुर समेत सभी ब्लॉकों में शिविर आयोजित किए गए हैं। चिचोली नगरीय क्षेत्र के आधा दर्जन वार्डों में भी नगर परिषद और राजस्व विभाग ने मिलकर राजस्व महा अभियान शिविर लगाए हैं, ताकि अधिक से अधिक भूमि स्वामियों की ई-केवाईसी हो सके।

— किसानों को मिल रहा है सीधा लाभ–

किसान बाबूलाल यादव मलाजपुर ने बताया कि इस अभियान से उनकी भूमि ऑनलाइन कंप्यूटर पर दिखने लगी है और प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। यह अभियान किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है, क्योंकि इससे उनकी भूमि के रिकॉर्ड ऑनलाइन हो रहे हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें सीधे मिल पा रहा है। बैतूल जिले के सभी ब्लॉकों में इस अभियान को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। नगर परिषद और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि सभी भूमि स्वामियों की ई-केवाईसी समय पर पूरी हो सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

— 2.0 ने नई मिसाल कायम की–

मध्य प्रदेश में राजस्व महा अभियान 2.0 ने नई मिसाल कायम की है। झमाझम बारिश के बावजूद पटवारियों और अन्य कर्मचारियों की अथक मेहनत ने साबित कर दिया है कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए वे कृतसंकल्प हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इस अभियान के तहत तेजी से ई-केवाईसी और राजस्व मामलों का निपटारा किया जा रहा है, जिससे भूमि स्वामियों और किसानों को सीधा फायदा हो रहा है।

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