Betul news: पुष्य नक्षत्र तिथि में 209 बच्चों का कराया स्वर्ण प्राशन

बच्चों के पालकों को निष्पक्ष मतदान के लिए किया प्रोत्साहित

बैतूल। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयु विभाग बैतूल ने मंगलवार 16 अप्रैल को पुष्य नक्षत्र तिथि में 209 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया। प्रति माह अनुसार पुष्य नक्षत्र के अवसर पर सुबह 9 बजे से 6 बजे तक स्वर्ण प्राशन का आयोजन किया गया। जिसमें 6 माह से 16 वर्ष आयु के कुल 209 बच्चों को कोविड-19 के जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए स्वर्ण प्राशन कराया गया।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. उल्लास जाधव के मार्गदर्शन में आयुष विभाग बैतूल अंतर्गत संचालित शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय टिकारी, बैतूल में डॉ रीना चौकीकर (एम. डी. शालाक्य तंत्र) डॉ. योगेश चौकीकर (एमडी. बालरोग), डॉ नरेन्द्र डढोरे (एम.डी. पंचकर्म) ने अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही आगंतुक बच्चों के पालकों को निष्पक्ष मतदान हेतु प्रोत्साहित भी किया। आयुष विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आगामी 13 मई 2024 को भी पुष्य नक्षत्र के अवसर पर एक और ‘स्वर्ण प्राशन’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

— आयुर्वेद पद्धति में महत्वपूर्ण है स्वर्ण प्राशन– 

जिला आयुष अधिकारी ने बताया स्वर्ण प्राशन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है। यह हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में 6 माह से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्वर्णप्राशन संस्कार को बहुत महत्व दिया गया है। स्वर्णप्राशन बच्चों की याददाश्त बढ़ाने के साथ ही प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बहुत ही कारगर है।

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