Betul news: 64 कलाओं पर आधारित कौशल शिविर में स्वास्थ्य, सेहत और नृत्य विधा की दी जानकारी

विषय विशेषज्ञ वंदना बिसेन ने कहा सेहत पर पड़ता है दिनचर्या की आदतों का सीधा प्रभाव

बैतूल। ई.एफ.ए.शासकीय कन्या उ.मा.विद्यालय बैतूल गंज बैतूल में 5 अप्रैल 2024 से 64 कलाओं पर आधारित कौशल शिविर का आयोजन प्राचार्य ललित लाल लिल्होरे के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। कौशल शिविर प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया कि 64 कलाओं में से एक कला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर विशेषज्ञ वंदना बिसेन ने छात्राओं को जानकारी देते हुए कहा कि हमारी दिनचर्या की आदतों का सीधा प्रभाव सेहत पर पड़ता है, यही कारण है कि हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार और हमारी लाइफस्टाइल दोनो को ठीक रखा जाए, उन्होंने स्वस्थ रहने के अनक टीप्स दिए। उन्होंने कहा कि अगर हम लोग हाथ धोने की आदत बना लें तो पेट और श्वसन संबंधी बीमारियों को 30 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। इन संक्रमणों में अक्सर एंटीबायोटिक्स लेने की सलाह दी जाती है हालांकि तमाम अध्ययनों में इस बात पर जोर दिया जाता है कि एंटीबायोटिक्स के अधिक और अनावश्यक सेवन के कारण एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के मामले बढ़ रहे हैं। हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखकर बीमारियों से बचाव के साथ एंटीबायोटिक्स के सेवन को भी कम कर सकते हैं। उन्होंने सिर की सफाई, आंख, कान और नाक की सफाई, मुंह की सफाई, त्वचा की देखभाल, हाथ धोना, शौच के बार सफाई, जननांगों की सफाई, खाद्य और रसोई की स्वच्छता, चिकित्सकीय स्वच्छता आदि विषयों पर जानकारी दी। साथ ही हैंड हाइजीन के लाभ बताए जिसमें संक्रामक बीमारियों का जोखिम कम करना, एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस कम करना, कोविड से बचाव मुख्य रहे। नृत्य विधा पर विशेषज्ञ सरवन वानखेडे, टीना साहू एवं चारू शुक्ला ने छात्राओं को बताया कि नृत्य में नियमित अभ्यास तथा कक्षाएं महत्वपूर्ण हैं सही नृत्य शैली का चुनाव करें, सामाजिक नृत्य, लोकनृत्य आदि का नियमित अभ्यास करना तथा नृत्य के जानकारों से नृत्य सिखना, अपने से बेहतर लोगों के साथ नृत्य करना, अपने नृत्य की कल्पना करना, तकनीक को प्राथमिकता देना मुख्य हैं। चारू शुक्ला ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली जिसमें कत्थक, भरतनाट्यम, कत्थकली, मणिपुरी, ओडिसी, कुचीपुड़ी, सत्रीया, मोहिनीअट्म के बारे में बताया। टीना साहू ने मध्यप्रदेश के लोकनृत्य जिसमें काठी, गणगौर, कर्मा, डंडा, मटकी तथा राई एवं बधाई नृत्य के बारे में छात्राओं को जानकारी देकर नृत्य का अभ्यास कराया गया।

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